माँ बेटे का अनौखा रिश्ता

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The Romantic
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Re: माँ बेटे का अनौखा रिश्ता

Unread post by The Romantic » 29 Oct 2014 16:36

गतांक से आगे.....................

थोडी देर इसी तरह मजा लेने के बाद मैंने फिर से रीमा के चूतडो को चूमना शुरु कर दिया मैं भी रीमा के चूतडो की खूबसूरती देख कर पागल हो गया था। और पागलो की तरह उसके चूतड को चूम रहा था। अब रीमा की गाँड से दूर रहना मेरे लिये बिल्कुल ही मुश्किल हो गया था। मैंने आखरी बार उसके दोनो चूतडो पर एक एक गहरा चुम्बन दिया। फिर एक बार उसके चूतडो को देखा और अपने हाथ उसके चूतड की दरार पर रख कर दरार को चीर कर उसकी गाँड जो चूतडो की गहरी खायी में छुपी हुयी थी खोल दिया। चूतडो का द्वार खोलते ही गाँड का हसीन नजारा मेरी आँखो के सामने था। दरार के बीच छुपी हुयी रीमा की छोटी से भूरी गाँड इसी छोटे से छेद मे मैं अपना लंड डालने की तमन्ना रखता था। इसी छोटे से छेद में अपना लंड घुसा कर मैं रीमा के भरपूर गुलाबी भारी गदराये बदन की मैं सवारी करना चाहाता था। रीमा के चूतडो के गद्दे को अपनी जांघो पर महसूस करते हुये अपने मोटे लंड को रीमा की गाँड की गहरायी में उतार कर उसकी गाँड की गहरायी नापना चाहाता था। और इस सब के लिये रीमा की गाँड को प्यार करके तैयार करना बहुत जरूरी था। अगर मैं प्यार से उसकी गाँड की सेवा करू तो श्याद रीमा मुझे ये अपनी गाँड मारने दे यही सोच कर सबसे पहले मैंने रीमा के गाँड का एक चुम्बन लिया।

मेरे चुम्बन लेते ही रीमा के मुँह से एक करहा निकल गयी फिर मैंने अपने हाथो से अच्छी तरह से उसके चूतड खीच कर उसकी गाँड पूरी नंगी कर दी और उसकी गाँड की दरार मे चुम्बन लेने लगा। उपर से शुरु करके नीचे तक जब मैं चूमता हुया गाँड पर पहुँचा तो उसकी गाँड का गहरा चुम्बन लिया फिर इसी तरह गाँड पर गहरा चुम्बन लेते हुये नीचे से उपर उसके चूतड की दरार का चुम्बन लिया। फिर मैं रीमा के चूतड की दरार को उपर से लेकर नीचे तक अपनी जीभ निकाल कर चाटने लगा। उसके चूतडो के बीच भी काफी पसीना जमा हो गया था जिसकी वजह से उसकी गाँड और उसके आस पास का हिस्सा भी गीला था और मैंने अपने थूक से उसको और भी गीला कर दिया। उसकी गाँड चाटने से पहले मैं रीमा की गाँड के आस पास के हिस्से को चाट कर अच्छे से गीली कर देना चाहाता था। और मैंने थोडी ही देर में रीमा की चूतड की दरार को चाट कर अपने थूक से गीला कर दिया। फिर रीमा से बोला माँ अब तुम खुद अपनी चूतड खोलो अपने हाथो से अब मैं तुम्हारे ये खूबसूरत गाँड को अपनी जीभ से प्यार करूंगा। उसको अपनी जीभ से कुरेदूंगा और अपनी जीभ से तुम्हारे इस छोटे से छेद को चोदूंगा भी। ठीक है बेटा मैं खुद ही खोलती हूँ मैं भी देखती हूँ की तू कितना प्यार करता है मेरी गाँड के साथ अभी तक तो सिर्फ तेरे मुँह से सुना है अब महसूस भी करूंगी।

इतना कह कर रीमा थोडा आगे झुक गयी और खुद ही अपने हाथो से अपने मोटे चूतड खोल कर अपनी गाँड को मेरे सामने कर दिया ले बेटा देख ले अपनी माँ की गाँड खोल कर पडी है तेरे सामने अब प्यार कर मेरी गाँड को दिखा कितनी पंसद है तुझे ये मेरा छोटा सा छेद। रीमा की खुली गाँड सामने आते ही मेरा सारा बदन मस्ती के हिलोरे लेने लगा। फिर मैंने आगे झुक कर उसकी गाँड पर अपने होंठ रख दिये और एक बहुत ही गहरा चुम्बन दिया मैने रीमा की गाँड को। फिर तो मैंने रीमा की गाँड पर चुम्बनो के झडी लगा दी। मैं तो उसकी गाँड को ऐसे चूम रहा था जैसे वह मेरी काम के देवी रीमा का प्रसाद हो मेरे लिये। फिर मैंने अपने मुँह मे थूक भरा और रीमा की गाँड पर लगा दिया और अपनी जीभ से उस थूक को उसकी गाँड पर फिराने लगा। जीभ की नोक से मैंने अपना थूक रीमा की गाँड पर चुपड दिया फिर उसे अपने मुँह मे भर कर चूस लिया और गाँड पर लगा सारा थूक पी गया।


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Re: माँ बेटे का अनौखा रिश्ता

Unread post by The Romantic » 29 Oct 2014 16:36

फिर इसी तरह मैं रीमा की गाँड को गीला करने लगा। रीमा को भी गाँड चटवाने मे बडा मजा आ रहा था जैसे ही मैं अपनी जीभ की नोक उसकी गाँड के ईर्द गिर्द लगता रीमा अपना चूतड पीछे कर देती जिससे अगर हो सके तो मेरी जीभ उसकी गाँड में घुस जाये वह भी मेरी जीभ से अपनी गाँड चुदवाना चाहाती थी। मन तो मेरा भी था उसकी गाँड मे जीभ घुसेडने का इसीलिये तो मैं उसकी गाँड को अपने थूक से गीला कर रहा था। अरे गाँडू साले क्या कर रहा है मादर चोद क्यो तडपा रहा है अपनी माँ को साले घुसेडता क्यो नंही जीभ मेरी गाँड में कुत्ते। माँ बस थोडा सब्र करो अभी घुसेडता हूँ अपनी जीभ। रीमा का इस तरह जीभ घुसवाने के लिये गिडगिडाना मुझे बहुत भा गया था। और फिर मैंने अपनी जीभ मे ज्यादा सा थूक भर कर उसकी गाँड पर चुपड दिया और अपनी जीभ की नोक से उस थूक को रीमा की गाँड मे घुसाने लगा रीमा ने और जोर लगा कर अपनी गाँड खोल दी जिससे आसानी से मेरी जीभ उसकी गाँड मे घुस सके। मैंने जीभ उसकी गाँड पर रखी और जोर से दबायी मेरे जीभ के नोक थूक के साथ फिसल कर रीमा की गाँड मे घुस गयी। हाय रे अब दिया न तूने मजा घुसा दे मेरे राजा बेटे पूरी घुसा दे अपनी जीभ मेरी गाँड मे। मैंने थोडा जोर और लगाया और मेरी थोडी जीभ और रीमा की गाँड मे घुस गयी। रीमा तो जैसे मचल ही उठी ओह ऐसे ही बेटा ऐसे ही मजा दे अपनी माँ को तेरी माँ की गाँड को बडे दिनो बाद किसी ने ऐसे चाटा है। चोद बेटा चोद अपनी माँ की गाँड अपनी जीभ से तेरी माँ की गाँड मचल रही है तेरी जीभ से चुदने के लिये।

फिर मैं रीमा की गाँड मे फंसी जीभ को हिलाने लगा जैसे रीमा की गाँड के अंदर अपनी जीभ से खुजली कर रहा हूँ रीमा मस्ती मे करहाने लगी आह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह उम्म्म्म्म्म हाँ मेरे लाल ओह्ह्ह्ह्ह्ह मेरे जानू उउह्ह्ह्ह्ह। थोडी देर उसकी गाँड जीभ से कुरेदने के बाड मैंने उसकी अपनी जीभ को रीमा की गाँड के अंदर बाहर करने लगा। रीमा जितनी गाँड अपने हाथो से खोल सकती थी उतनी खोल कर अपनी गाँड चौडी कर दी ताकि मैं आसानी से उसकी गाँड मे अपनी जीभ घुमा संकू। मैंने भी उसके खुले गाँड के छेद को अपनी जीभ से चोदना शुरु कर दिया। मेरी जीभ बाहर निकली हुयी थी जिसकी वजह से मेरी जीभ से लार निकल रही थी जो बह कर सीधा रीमा की गाँड पर ही जमा हो रही थी इस तरह मेरी लार रीमा की खुली हुयी गाँड को और भी चिकना बना रही थी। और उसकी चिकनी गाँड मे मुझे जीभ चलाना आसान हो रहा था। मैंने खुद अपना मुँह आगे पीछे करके उसकी गाँड को अपनी जीभ से चोदने लगा। ओह मेरे लाल मेरी जान मजा आ गया चोद मेरे गाँडू गाँड के रसीये चोद दे अपनी इस बेटा चोद माँ की गाँड अपनी जीभ से मेरे मादर चोद लाल बडा ही अच्छा चोद रहा है मेरे गाँडू चोद और चोद रीमा मुझे उकसाती हुयी बोली।

रीमा के इस बडबडाने का मतलब था एक तो उसे बहुत मजा आ रहा था दूसरा उसकी चूत भी अब पूरी गर्म हो चुकी थी। मैंने उसकी चूत के हालत जानने के लिये अपना हाथ ले जाकर उसकी टाँगो के बीच रख दिया। और उसकी चूत को उपर से सहलाने लगा। मेरे हाथ लगाते ही रीमा की लार टपकाती चूत का चूत रस मेरी उंगलियो पर लगा गया। इसका मतलब अब रीमा बहुत ही गर्म थी और उसकी चूत फिर से चुदास रस से भर गयी थी। मैंने उसकी चुदास रस से भरपूर चूत की दरार में अपनी उंगली चालाने लगा। रीमा की चूत बहुत ही गर्म हो चुकी थी उसकी गर्माहट का अहसास मुझे मेरी उंगली पर हुया मैंने अपनी उंगली रीमा की चूत पर रखी और थोडा सा दबायी मेरी उंगली एक दम से रीमा की चूत मैं उतर गयी। जैसे ही मेरी उंगली रीमा की चूत मे घुसी रीमा की अनुभवी चूत ने झट से मेरी उंगली को उसकी चूत की दिवारो में जकड लिया। जैसे उसने मेरे लंड को जकडा था जब मैं उसे चोद रहा था। मैंने भी अपनी उंगली से उसकी चूत को चोदना शुरु कर दिया।

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Re: माँ बेटे का अनौखा रिश्ता

Unread post by The Romantic » 29 Oct 2014 16:37

मैं अभी भी उसकी गाँड को अपनी जीभ से चोद रहा था जब बहुत ज्यादा लार उसकी गाँड के पास जमा हो जाती मैं अपनी जीभ को उसकी कसी गाँड से निकाल लेता और उसकी गाँड को चूस कर सारा रस पी जाता और फिर से उसकी गाँड में अपनी जीभ घुसेड देता। रीमा तो जैसे जंन्नत में ही पहुँच गयी थी चूत में उंगली और गाँड मे जीभ उसके मुँह से तो सिर्फ मस्ती मे करहाने की ही आवाज आ रही थी। वह मस्ती में अपनी गाँड मटका कर इसका इजहार कर रही थी। अब मैंने अपनी दो उंगलीयाँ रीमा की चूत मे घुसा दी और धीरे से उसकी चूत चोदने लगा। गाँड चाटना अभी भी जारी था रीमा खुद अपने चूतड हिला कर उंगली और जीभ अपनी चूत और गाँड मे ले रही थी। बडी ही बेर्शम थी रीमा चूत के मजे के लिये मस्त होकर अपने बेटे की उमर के मर्द के साथ खुल कर चुदायी के मजे ले रही थी और अपने बदन की वासना का खुली नुमायीश कर रही थी।

चोद बेटा और जोर से चोद मेरे लाल पूरी घुसा दे अपनी उंगली मेरी चूत में तेरी जीभ तो मेरे बदन के लिये ही बनी है जंहा भी तू अपनी जीभ रख देता है मेरा बदन मस्ती मे झूम उठता है। मादर चोद चाट साले अपनी माँ की गाँड खा जा मेरे चूतड भोसडी की औलाद ओह्ह्ह मेरे प्यारे मजा दे अपनी माँ को। मैंने जोर जोर से रीमा की चूत मे उंगली चलानी शुरु कर दी और गाँड को भी अपनी जीभ से चोदने लगा। रीमा पूरी तरह से पागल हो गयी और अपने चूतड को पागलो के भांति चलाने लगी। अब मेरी तीन उंगलियाँ रीमा की चूत मे चल रही थी रीमा के जोर से चूतड हिलाने की वजह से कभी कभी मेरा चेहरा रीमा की भारी चूतड मे पूरा घुस जाता जिससे मेरी नाक रीमा के चूतडो के बीच दब जाती। और रीमा के मस्ताने बदन की गंध मेरी नाक मे घुस जाती। मेरे पूरी चेहरे पर रीमा के चूतडो का स्पर्श मुझे मस्त कर रहा था। इसलिये मैं बीच बीच मे खुद ही अपने चेहरे को रीमा के चूतडो के बीच घुसा देता और उसके मतवाले चूतडो का मजा लेता। मैंने ना जाने कितनी रातो को रीमा के भारी चूतड मे मुँह घुसाने के सपने देखे थे और आज मेरा ये सपना पूरा हो रहा था।

क्रमशः........................