मेरी चूत पसंद है compleet

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raj..
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Re: मेरी चूत पसंद है

Unread post by raj.. » 02 Nov 2014 18:31

मेरी चूत पसंद है पार्ट--8

गतान्क से आगे.......
कैलाश अपनी बहन की बात सुन कर करिश्मा को नीचे लेटा दिया और
करिश्मा के ऊपेर चढ़ कर उसकी दोनो चूंची को अपने हाथों
से मसल्ते हुए ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा. थोरी देर तक फुल स्पीड मे
चोद कर वो धीरे धीरे चोदने लगा और अपनी बहन से बोला, "बहन
मैं कब से तेरी चूत को चोदने की ताक मे था. मैं पहले भी कई बार
इसके लिए तुझे इशारा भी किया था लेकिन तू मेरा इशारा समझ ना
सकी. खैर आज के बाद जब भी मुझे मौका मिलेगा, मैं तेरी चूत मे
अपना लंड ज़रूर पेलुँगा और जब तेरी चूत मेरा लंड खा खा कर
भोसड़ा बन जाएगी तब मैं तेरी गंद मे अपना लंड पेलुँगा, ठीक
है ना? क्या तू मुझसे अपनी गंद मरवाएगी?" "हाँ भाई हाँ, आज के
बाद जब मन आए तुम यहा आ कर मेरी चूत और गंद दोनो को
चोदना. तेरी चुदाई से मुझे बहुत खुशी होगी" करिश्मा ने अपनी
कमर उचकाते हुए बोली.दोनो भाई बहन अपनी बातों मे मशगूल हो
कर चुदाई कर रहे थे और रसिकलाल जी अपना लंड पकड़े उनकी
चुदाई देख रहे थे. थोरी देर के बाद रसिकलाल जी अपनी बहू
से बोले, "करिश्मा, क्या बात है तुम दोनो भाई और बहन अपनी चुदाई
मे इतना मशगूल हो गये कि मेरे बारे बिलकूल भूल गये. अरे भाई
मैं बहूत देर से अपना लंड थामे तुम दोनो की चुदाई देख रहा
हूँ और अपना लंड सहला रहा हूँ." रसिकलाल जी की बातों को सुन
कर गिरजा देवी भी अपनी चूत और गंद मरवाते हुए बोली, "अरे छिनार
करिश्मा, क्या तू अपने भाई का लंड पकड़ अपने ससुर के लंड को
भूल गयी? तेरा ससुर कब से अपना लंड थामे तेरी और तेरे भाई की
चूत और लंड कुस्ती देख रहा है. जल्दी से अपने भाई के लंड का
पानी निकाल और अपने चूत मे अपने ससुर का लंड डलवा. तेरे ससुर का
लंड इस समय बिकुल फूल कर तन गया है और तेरी चूत की आज खैर
नही." करिश्मा अपने भाई के लंड चुड़वते हुए बोली, "माजी आप
मुझको छिनार कह रही हैं और खुद अपने बेटे और उसके दोस्त का
लंड मज़े से अपनी चूत और गंद मे पिलवा रही है. इससे तो आप तो
मुझसे ज़्यादा छिनार हुई. रही बात मेरी चूत की, तो मुझे मालूम है कि
ससुरजी का लंड खड़ा हो कर तन्ना रहा है और अगर आप को अपने
पति पर तरस आ रहा है तो आप खुद ही उनका लंड चूस कर उनको
झार दीजिए और उनका पानी पी लीजिए. अभी तो मैं अपने भाई का लंड
अपनी चूत से खा रही हूँ और अगर मेरे ससुरजी को मेरी गंद मे
अपना लंड पेलना है तो पेल सकते हैं."ये कहानी आप राज शर्मा के
ब्लॉग हिन्दी सेक्सी कहानियाँ मे पढ़ रहे है अपनी बहू की बात
सुन कर गिरिजा देवी थोरी देर के लिए चुप हो गयी और फिर अपनी
बहू से बोली, "सालीरंडी, छिनार अपनी सास की चुदाई देख रही है और
अपनी भाई कालंड अपनी चूत से खा रही है. चल जल्दी से अपने गंद मे
अपने ससुर का लंड डलवा." "ठीक है, मैं गंद ऊपेर कर रही हूँ और
ससुर जी मेरी गंद अपना लंड पेल सकते है" करिश्मा अपनी सास से
बोली. इतना कह कर करिश्मा फिर से अपने भाई को नीचे लेटा कर
कैलाश पर चढ़ गयी और अपनी गंद को ऊपेर कर दिया.
तब राशील लाल अपने खरे लंड के सुपारे पर थोरा से थूक लगा कर
लंड को अपनी बहू, करिश्मा, की गंद के छेद से भिड़ा दिया. लंड
भिड़ाने के बाद रसिकलाल जी अपने दोनो हाथों से करिश्मा की
कमर को अपने दोनो हाथों से पकड़ कर अपना लंड करिश्मा की
गंद के छेद मे दबाने लगे. थोरी देर के बाद रसिकलाल जी का लंड
का सुपरा फक से करिश्मा की गान्ड की छेद मे घुस गया . तब
रसिकलाल जी ने करिश्मा की कमर को कस कर पकड़ कर अपनी कमर
हिला कर एक ज़ोर दार धक्का मारा और उनका लंड आधे से ज़्यादा
करिश्मा की गंद मे घुस गया . करिश्मा मारे दर्द के बिलबिला
उठी और अपने ससुर से अपना लंड निकालने को बोली. लेकिन रसिकलाल
जी कहाँ सुनने वाले थे, वो करिश्मा की कमर को कस कर पकड़
कर अपना लंड करिश्मा की गंद के अंदर बाहर करने मे लगे हुए
थे.

raj..
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Re: मेरी चूत पसंद है

Unread post by raj.. » 02 Nov 2014 18:31

करिश्मा बोल रही थी, "साले भोसरी के ससुरजी अपना लंड
मेरी गंद से निकाल ले. मेरी गंद फटी जा रही है, मैं मरे जा
रही हूँ. साले गंद मारना है तो जा अपनी बीवी के पास, देख वो कैसे
ईक साथ दो दो लंड अपनी चूत और गंद मे पिलवा रही है. जा, जाकर
अपनी बीवी की गंद मे अपना लंड डाल कर उसकी गंद मार, मुझे छोड़.
मुझे अपनी गंद नही मर्वानी है." रसिकलाल जी अपनी बहू की
बात सुन कर बोले, "साली रंडी, आज मैं तेरी गंद को चोद चोद कर
फाड़ दूँगा, कल सुबह उठ कर तू टटी नही कर पाएगी क्योंकी
तेरी गंद फॅट चुकी होगी. मुझे मालूम है कि मेरी बीबी जो कि तेरी
सास भी है उसको गंद मरवाने ने अच्छा लगता है और फटा फट मे
तीन चार बार उसकी गंद मार देता हू. आज मुझको तेरी कोरी गंद
मारने को मिला है और आज मैं बिना गंद फाडे नही छोड़ूँगा." इतना
कह कर रसिकलाल जी ज़ोर ज़ोर से अपने लंड से करिश्मा की गंद मारने
लगे. थोरी देर के बाद कैलाश, जो अब तक नीचे लेट कर अपना लंड
करिश्मा की चूत मे पेल रहा था झार गया और धीरे से करिश्मा के
नीचे से निकल कर बगल मे खड़ा हो कर ससुर और बहू की चुदाई
देखने लगा.जब करिश्मा अपने भाई को अपने पास खड़ा देखी तो
जल्दी से उसका लंड अपने हाथों मे ले कर सहला सहला कर खड़ा
किया और फिर उसको अपने मुँह मे भर कर चूसने लगी. अब तक
करिश्मा को गंद मरवाने मे मज़ा मिलने लगा थाऔर वो मज़े से
अपनी गंद अपनी ससुर के लंड से मरवाने लगी और मुँह से अपने
भाई का लंड खाने लगी. उधर रमेश और गौतम भी गिरिजा देवी
की चूत और गंद मार कर फारिग हो चुके थे. थोरी देर के बाद
रसिकलाल जी नेभी अपने लंड का पानी करिश्मा की गंद मे छोड़ दिया
और अपना लंड करिश्मा की गंद निकाल लिया. अब चारों मर्दों के लंड
झर कर सिकुर चुके थे और दोनो औरतों की चूत और गंद चुद
चुद कर फूल कर लाल हो गयी थी. सभी थोरी देर तक लेट कर सुस्ता
लिए.और तब फिर करिश्मा और गिरिजा देवी नंगी ही किचन मे जा
कर सभी लोगों के लिए चाइ और हल्का नाश्ता लेकर फिर कमरे मे
पहुँच गयी. सभी ने चाइ और नाश्ता किया और फिर से अपनी अपनी
चुदाई मे बिज़ी हो गये. इसी तरह से उस रात करिश्मा और गिरिजा देवी
की चूत और गंद को सभी ने बारी बारी से चोदा और सुबह होने तक
सभी थक कर सो गये. दूसरे दिन सुबेरा होते ही गौतम और कैलाश
अपने अपने घर के लिए रवाना हो गये और रमेश और रसिकलाल
जी घर पर गिरिजा देवी और करिश्मा की चूत और गंद मे अपना लंड
डाल कर चोदना चालू रखा. अब गिरिजा देवी और करिश्मा दोनो बहुत
खुश थी क्योंकी उनकी चूत और गंद की प्यास अब हर रोज सुबह,
दोपहर, शाम और रात को रमेश और रसिकलाल जी के लंडो से
चुदवा कर बुझती थी. तो दोस्तो कैसी लगी ये कहानी ज़रूर बताना
आपका दोस्त राज शर्मा
समाप्त

raj..
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Re: मेरी चूत पसंद है

Unread post by raj.. » 02 Nov 2014 18:33

Meri chut pasand hai paart--8

gataank se aage.......
Kailash apni bahan ki bat sun kar Karishma ko neeche leta diya aur
Karishma ke ooper char kar uskee dono chunchee ko apne hathon
se masalte hue jor jor se chodne laga. Thori der tak full speed me
chod kar wo dhire dhire chodne laga aur apni bahan se bola, "bahan
mai kab se teri chut ko chodne ki tak me tha. Mai pahale bhi kai bar
iske liye tujhe ishara bhi kiya tha lekin tu ne near ishara samajh na
sake. Khair aaj ke bad jab bhi mujhe mauka milega, mai teri chut me
apna lund jaroor pelunga aur jab teri chut mera lund kha kha kar
bhisra ban jayegee tab mai teri gand me apna lund pelunga, theek
hai na? Kyat u mujhse apni gand marwegee?" "Han bahi han, aaj ke
bad jab man aye tum inha aa kar meri chut aur gand dono ko
chodna. Teri chudai se mujhe bahut khushi hogi" Karishma ne apni
kamar uchkate hue boli.Dono bahi bahan apni baton me mashgul ho
kar chudai kar rahe the aur RasikLal Jee apna lund pakare unki
chudai dekh rahe the. Thori der ke bad RasikLal Jee ne apne bahu
se bole, "Karishma, kya bat hai tum dono bhai aur bahan apni chudai
me itna mashgul ho gaye ki mere bare bilkool bhool gaye. Are bhai
mai bahoot der se apna lund thame tum dono ki chudai dekh raha
hoon aur apna lund sahala raha hoon." RasikLal Jee ki baton ko sun
kar Girja devi bhi apni chut aur gand marwate hue boli, "are chinar
Karishma, kyat tu apne bhai ka lund pa kar apne sasur ke lund ko
bhool gayee? Tera sasur kab se apna lund thame teri aur tere bhai ki
coot aur lund kustee dekh raha hai. Jaldee se apne bhai ke lund ka
pani nikal aur apne chut me apne sasur ka lund dalwa. Tere sasur ka
lund is samay bikul phool kar tan gaya hai aur teri chut ki aaj khair
nahee." Karishma apne bhai ke lund chudwate hue boli, "maajee aap
mujhko chinar kaha rahee hain aur khud apne bete aur uske dost ka
lund maje se apni chut aur gand me pilwa rahee hai. Isse to aap to
mujhse jyada chinar hue. Rahi bat meri chut ki, to mujhe malum hai ki
sasurjee ka lund khara ho kar tanna raha hai aur agar aap ko apne
pati par taras aa rahee hai to aap khud hi unka lund chus kar unko
jhar digiye aur unka pani pee lijiye. Abhi to mai apne bhai ka lund
apni chut se kha rahee hun aur agar mere sasyrjee ko meri gand me
apna lund pelna hai to pel sakte hain." Apni bahu bat sun kar Girija
devi thori der ke liye chup ho gayee aur phir apni bahu se boli, "Sali
randee, chinar apni sas ki chudai dekh rahee hai aur apni bhai ka
lund apni chut se kah rahee hai. Chal jaldee se apne gand me apni
sasur ka lund dalwa." "Theek hai, mai gand ooper kar rahee hun aur
sasur jee meri gand apna lund pel sakte hai" Karishma apni sas se
boli. Itna kaha kar Karishma phir se apne bhao ko neeche leta kar
Kailash par char gayee aur apni gand ko ooper kar diya.
Tab Govingjee apne khare lund ke supare par thora se thuk laga kar
lund ko apne bahu, Karishma, ki gand ke ched se bhira diya. Lund
bhirane ke bad RasikLal Jee apne dono hathon se Karishma ke
kamar ko apne dono hathon se pakar kar apna lund Karishma ki
gand ke ched me dabane lage. Thori der ke bad RasikLal Jee ka lund
ka supara phak se Karishma keg and ki ched me ghus gaya . Tab
RasikLal Jee Karishma ki kamar ko kas kar pakar kar apna kamar
hila kar ek jor dar dhakka mara aur unka lund adhe se jyada
Karishma ki gand me ghus gaya . Karishma mare dard ke bilbila
uthee aur apne sasur se apna lund nikalne ke bole. Lekin RasikLal
Jee kahan sunne wale the, wo Karishma ki kamar ko kas kar pakar
kar pna lund Karishma ki gand ke andar bahar karne me lage hue
the. Karishma bol rahee thee, "sale bhosree ke sasurjee apna lund
meri gand se nikal le. Meri gand phatee ja rahee hai, mai mare jaa
rahee hun. Sale gand marna hai to ja apni biwi ke pas, dekh wo kais
eek sath do do lund apni chut aur gand me pilwa rahee hai. Ja, jakar
apni biwi ki gand me apna lund dal kar uski gand mar, mujhe chor.
Mijhe apni gand nahee marwanee hai." RasikLal Jee apne bahu ki
bat sun kar bole, "Sali randee, aaj mai teri gand ko chod chod kar
phar dunga, Kal subah uth kart u tatee nahee kar payegee kyonkee
teri gand phat chukka hoga. Mujhe malum hai ki meri bibi jo ki teri
sas bhi hai usko gand marwane ne acchha lagta hai aur phafte me
teen char bar uski gand mar deta huun. Aaj mujhko teri kori gand
marne ko milla hai aur aaj mai bina gand phare nahee choruga." Itna
kah kar RasikLal Jee jor jor se apne lund se Karishma ki gand marne
lage. Thori der ke bad Kailash, jo ab tak neeche let kar apna lund
Karishma ki chut me pel raha tha jhar gaya aur dhire se Karishma ke
neeche se nikal kar bagal me khara ho kar sasur aur bahu ki chudai
dekhne laga.Jab Karishma apne bhai ko apne pas khara dekhee to
jaldee se uska lund apne hathon me le kar sahala sahala kar khara
kiya aur phir usko apne munh me bhar kar chusne lagee. Ab tak
Karishma ko gand marwane me maza milne laga aur wo maze se
apni gand apni sasur ke lund se marwane lagee aur munh se apni
bhai ka lund khane lagee. Udhar Ramesh aur Gautam bhi Girija devi
ki chut aur gand mar kar pharig ho chuke the. Thori der ke bad
RasikLal Jee bhi apna lund ka pani Karishma ki gand me chor diya
aur apna lund Karishma ki gand nikal liya. Ab charon mardon ki lund
jhar kar sikur chukka tha aur dono auraton ki chut aur gand chud
chud kar phul kar lal ho gaya tha. Sabhi thori der tak let kar susta
liya.aur tab phir Karishma aur Girija devi nangee hi kitchen me jaa
kar sabhi logon ke liye chai aur halka nashta lekar phir kamare me
pahunch gayee. Sabhi ne chai aur nashta kiya aur phir se apni apni
chudai me busy ho gaye. Isi tarah se us rat Karishma aur Girija devi
ki chut aur gand sabhi ne bari bari se choda aur subah hone tak
sabhi thak kar so gaye. Dusre din subera hote hi Gautam aur Kailash
apne apne ghar ke liye rawana ho gaye aur Ramesh aur RasikLal
Jee ghar par Girija devi aur Karishma ki chut aur gand ne apna lund
dal kar chodna cahlu rakha. Ab Girija devi aur Karishma dono bahut
khush thee kyonkee unki chut aur gand ki pyas ab har roj subah,
dopahar, sham aur rat ko Ramesh aur RasikLal Jee ke lundon se
chudwa kar bujhta tha. dosto ye kahaani yahi khatam hoti hai fir
milenge ek or nai kahaani ke saath aapka dost raj sharma
samaapt