raj sharma stories मस्त घोड़ियाँ compleet

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rajaarkey
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Re: raj sharma stories मस्त घोड़ियाँ

Unread post by rajaarkey » 06 Dec 2014 12:54

मस्त घोड़ियाँ--9

गतान्क से आगे........................

रोहित की नज़रे बुआ की

मस्त फूली हुई चूत पर थी जो फटी सलवार से पूरी तरह बाहर आ चुकी थी, संध्या बुआ की मोटी जाँघो को मसल्ते

हुए उसके पैरो को और चौड़ा कर रही थी और बुआ अपनी आँखे बंद किए मंद-मंद मुस्कुरा रही थी,

रोहित ने बुआ की मोटी और गुदाज जाँघो को अपने हाथो मे भर रखा था और बुआ की पाव रोटी की तरह फूली हुई

चूत देख कर सोच रहा था कि उसकी मम्मी मंजू की चूत कैसी होगी, मंजू का नंगा बदन भी पूरा बुआ के

नंगे बदन की तरह ही है तब तो मम्मी की बुर भी इसी तरह फूली हुई होना चाहिए,

अपनी मम्मी की चूत को

इतना करीब से अगर देखना हो जाए तो उसका मज़ा ही कुछ और होता है,

रोहित अपनी बुआ की बुर देख कर अपनी मम्मी की यादो मे खोया हुआ था और संध्या रोहित की स्थिति को भाँप गई

थी और ऐसे मोके पर वह रोहित को और भी उत्तेजित करके अपने पति को ज़्यादा मज़ा दिलाने की कोशिश करती है,

संध्या- बुआ मम्मी तो आप से उमर मे बड़ी है ना पर दिखती वो बिल्कुल आप की उमर की है आप दोनो जब पापा

के साथ खड़ी होती हो तो दोनो उनकी बिबिया लगती हो,

बुआ- अरे बहू तेरी मम्मी मंजू का बदन थोड़ा कसा हुआ है और कुछ नही पर पेट तो उनका मुझसे भी ज़्यादा

बाहर निकला हुआ है,

संध्या- बुआ की जाँघो को उपर तक भिचते हुए, पर बुआ जी लगता तो वही पेट सुंदर है ना, मेरा कहने का

मतलब है कि जब औरत 40 पर करने लगे तो उसका पेट जितना उठ कर उभरेगा वह उतनी ही मस्त नज़र आएगी,

और एक बात और भी है बुआ जिन औरतो का पेट उठा हो और गहरी नाभि पेटिकोट और साडी के बाहर दिख रही हो ऐसी

औरतो के पिछे मर्द बहुत भागते है,

बुआ- अरे बहू मर्दो का क्या है कैसी भी दे दो वह तो मा चुदवा ही लेगे ना,

संध्या-हस्ते हुए बुआ अब गरम हो गई हो तो उतार दो ये सलवार कुर्ता और हो जाओ पूरी नंगी,

बुआ- तेरा मरद बैठा है तेरे सामने तू क्यो नंगी नही हो जाती है,

संध्या- ठीक है तुम कहती हो तो मैं ही नंगी हो जाती हू और फिर संध्या ने अपने एक-एक कपड़े उतारने चालू कर

दिए, बुआ मूह फाडे संध्या की ओर देख रही थी,

और अंत मे संध्या ने अपनी गुलाबी पैंटी को दूसरी ओर मूह करके अपनी गुदाज गंद दिखाते हुए उतार दिया,

रोहित अपनी जगह पर बैठा अपनी मस्तानी बीबी के नंगे बदन को देखते हुए बुआ जी की जाँघो की जड़ो को सहला

रहा था,

बुआ जी का गला सूखने लगा था और उसकी चूत से पानी आना शुरू हो रहा था,

संध्या अपनी चिकनी फूली बुर को दिखाती हुई बुआ के पास आ जाती है और बुआ की जाँघो को चौड़ा करके बुआ की चूत

मे हाथ मारते हुए अरे बुआ जी तुम्हारी तो चूत दिख रही है,

संध्या का इतना कहना था कि रोहित ने बोला कहाँ है चूत और अपना मूह बुआ की चूत से लगा दिया बुआ रोहित का मूह

अपनी धधकति भोसड़ी पर लगने से तड़प उठी और अपने ही हाथो से अपने दोनो मोटे-मोटे दूध को पकड़ कर

मसना चालू कर दिया,

रोहित ने बुआ की चूत को चाटते हुए अपने हाथ से सलवार मे थोड़ी और ताक़त लगा कर बुआ की सलवार को और फाड़

दिया और बुआ की पाव रोटी जैसी चूत और उसकी गहरे भूरे रंग के बड़े से गंद के छेद को बाहर ले आया,

संध्या ने जब पूरे आकार मे बुआ की मस्त चूत को देखा तो उसने अपने हाथो से रुक्मणी की चूत को और फैला

लिया और रोहित की ओर इशारा करते हुए उसे चाटने को कहा,

रोहित ने अपनी जीभ निकाल कर बुआ जी की चूत को चाटना शुरू कर दिया बुआ जी हाय रोहित बेटे क्या कर रहा है,

रोहित- कुछ नही बुआ बस थोड़ा सा रस पी रहा हू

बुआ- बेटा मत पी प्लीज़ मत पी,

संध्या- अरे बुआ पी लेने दो ना मम्मी पिलाएगी और ना तुम पिलाओगे तो बेचारे किसका पिएगे,

बुआ- हाय तो क्या मैं ही बची हू संगीता का पी ले और तेरा तो पीता ही होगा बुआ ने संध्या की ओर देख कर कहा

संध्या- बुआ रोहित ने संगीता की भी पी ली है अब उसका मन तुम्हारी पीने का है,

रोहित - अरे चुप रहो संध्या बुआ ने मुझे मना ही कहाँ किया है और तुम बेकार मे बहस कर रही हो

रोहित- मुस्कुराते हुए बुआ को देख कर, क्यो बुआ नही किया ना मना, और फिर रोहित अपने मूह को बुआ की चूत से

भिड़ा देता है,

संध्या बुआ के मूह के पास उकड़ू बैठी थी और उसकी दो फांको मे बटी मस्त चूत बुआ के मूह के बिल्कुल करीब थी

बुआ अब अपने आप को ना रोक सकी और उसने अपने मूह को संध्या की मस्तानी चूत से लगा दिया,

बुआ की इस हरकत से संध्या थोड़ा चौकी और फिर बुआ को देख कर रोहित को देख मुस्कुराने लगी,

रोहित ने अब अपना लंड बाहर निकाल लिया और उधर बुआ चूत चाटने मे मस्त थी तभी रोहित ने खूब सारा थूक बुआ

की मस्त चूत मे लगाया और अपने लंड के टोपे को बुआ की चूत मे सेट करके उसकी मोटी जाँघो को अपने हाथो मे

थाम लेता है और संध्या की ओर देखता है तो संध्या कहती है रोहित तुम्हारी मम्मी की चूत भी बुआ की चूत

जैसी मस्त फूली हुई है,

रोहित का इतना सुनना था कि उसने एक कस के धक्का बुआ की चूत मे मार दिया और तभी

संध्या ने अपनी पूरी चूत उठा कर बुआ के मूह पर रख दी, बुआ की आवाज़ जो रोहित के धक्के से निकलने वाली थी

वह वही के वही दब कर संध्या की चूत मे समा गई,

संध्या ने बुआ के मूह मे अपनी चूत को अच्छी तरह रगड़ा तब तक रोहित रफ़्तार पकड़ चुका था, बुआ की

मखमली चूत मे रोहित का लंड सतसट अंदर बाहर हो रहा था,

रोहित को तभी अपने पापा की याद आ गई और

उसने बुआ की गोरी गंद मे ज़ोर से थप्पड़ मारते हुए उसकी चूत मे लंड पेलने लगा,

रोहित के थप्पड़ मारने से बुआ की मोटी गंद पूरी लाल नज़र आ रही थी और ऐसी लाल गंद चोदने मे रोहित को बड़ा

मज़ा आ रहा था रोहित जितना तेज अपने लंड का धक्का बुआ की चूत मे मारता बुआ भी उतनी तेज़ी से संध्या बहू की

चूत को अपने मूह मे भर लेती थी,

अब रोहित की स्पीड पूरे जोश मे आ चुकी थी और वह बुआ को सतसट चोद रहा था बुआ ज़ोर-ज़ोर से कहने लगी हाय

बेटे चोद बेटे चोद अपनी मम्मी की चूत खूब कस के मार बेटे, उधर बुआ की चूत मे ठोकर पड़ रहे थे इधर

संध्या ने बुआ के बड़े-बड़े दूध को मथना चालू कर दिया संध्या कभी बुआ के दूध के निप्पल को काटने

लगती और कभी उसके दूह दबोच कर चूसने लगती थी, तभी रोहित ने बुआ के भारी चूतादो को कस कर भिचते

हुए 8-10 धक्के ऐसे मारे कि बुआ का पानी निकल गया और वह रोहित और संध्या से बुरी तरह चिपक कर हफने

लगी,

रोहित ने अपना लंड बुआ की चूत के अंदर तक फसा रखा था और बुआ उसके लंड को अपनी चूत की गहराई मे

दबोचे हाफ़ रही थी, संध्या धीरे-धीरे बुआ के दूध दबा-दबा कर सहला रही थी,

कुच्छ देर बाद संध्या ने बुआ को उठाते हुए कहा

संध्या- बुआ जी मस्ती आई या और लेना है, आज तो रोहित का लंड ले कर आपकी चूत मस्त हो गई होगी,

बुआ- मुस्कुराते हुए, सच बहू बड़ा मस्त लंड पाया है तूने, अगर तेरी मम्मी मंजू ऐसा लंड ले लेगी तो वह

तो अपने बेटे के लंड की दीवानी बन जाएगी,

तभी कॉल बेल की आवाज़ सुन कर रोहित गेट खोलने जाता है और अपनी मम्मी और बहन के साथ अपने मामा अजय को

देख कर अरे मामा क्या बात है बड़े दिनो बाद आए हो,

अजय- मुस्कुराते हुए, अरे रोहित अब क्या बोलू यार तू तो जानता है मैं काम धंधे के चक्कर मे कभी आ ही

नही पाता हू,

रोहित चलो मामा चाइ पी लो फिर मैं तुम्हे घुमा कर लाता हू और फिर रोहित अपने मामा को चाइ पिलाने के बाद

घुमाने ले कर चला जाता है,

अजय- यार रोहित आज तो दारू चखने का मन हो रहा है

रोहित- तो मामा श्री चखो ना किसने मना किया है, पर मैं तुम्हारी आदत जानता हू तुम्हे दारू के बाद चोदे

बिना मज़ा भी तो नही आता है,

अजय- हाँ यार रोहित जब तक कोई मस्त चूत मारने को नही मिल जाती दारू का मज़ा आधूरा ही रहता है,

रोहित- पर मामा तुम इतने चुदासे हो तो मामी को तो रोज ही चोद्ते होंगे अब कैसी दिखती है मामी

अजय- अरे अब क्या बताऊ दोस्त तेरी मामी बिल्कुल तेरी मम्मी मंजू जैसी है, जैसे उरोज और नितंब तेरी मम्मी

मंजू के है बिल्कुल ऐसे ही,

रोहित- लगता है मामा तुम मेरी मम्मी के बारे मे मुझसे बात करने मे असहज महसूस कर रहे हो तभी तो

उरोज और नितंब जैसे शब्द यूज़ कर रहे हो

अजय- मुस्कुराता हुआ अरे नही रे वो भी मेरी बहन है और तेरी मम्मी है पर

रोहित पर क्या मामा जब तुम मामी की मस्तानी चूत का वर्णन मेरे सामने कई बार कर चुके हो तो फिर मेरी

मम्मी के बारे मे बात करने मे काहे की झिझक

अजय- मुझे लगा तुझे कुच्छ आच्छा ना फील हो इसलिए,

रोहित- खेर क्या मामी पूरी मम्मी जैसी ही गदरा गई है,

अजय- अरे तेरी मामी की मोटी गंद बिल्कुल तेरी मम्मी की तरह ही दिखाई देती है और उसके दूध भी मंजू दीदी की

तरह ही लगते है, और जंघे भी तेरी मम्मी जैसी मोटी और गुदाज है,

अजय- अच्छा रोहित संगीता भी खूब कसी कसाई है अभी जब हम आ रहे थे तो वह हमारे आगे -आगे चल रही

थी तब मैने उसकी जीन्स मे से उसकी मोटी गंद को देखा तो सच मानो मेरा लंड खड़ा हो गया तभी तेरी

मम्मी ने मुझे अपने लंड को अड्जस्ट करते देख लिया और मुझे मुस्कुराकर देखते हुए मेरे गालो को चूम

लिया सच रोहित तेरी मम्मी के होंठ बहुत रसीले है जब हम ऑटो मे बैठे तो एक तरफ मंजू दीदी की मोटी

जंघे और दूसरी तरफ संगीता की जंघे सहलाते हुए मैं तो मस्त हो गया,

रोहित और अजय ने पीना स्टार्ट कर दिया और दोनो नशे मे मस्त हो रहे थे,

रोहित- अच्छा मामा सच बताओ तुमने मम्मी को चोद रखा है ना,

अजय- शरमाते हुए अरे भान्जे अब तुझे क्या बताऊ तेरी मम्मी जब भी मेरे घर आती है मैं उसे पूरी नंगी

करके रात भर चोद्ता हू, सच रोहित तेरी मम्मी बड़ी मस्त माल है रंडी को चोदने मे आदमी मस्त हो जाता है

रोहित- क्या मम्मी बड़ी मस्त तरीके से चुदवाति है

अजय- अरे रोहित जब तेरी मम्मी की चूत मे खुजली होती है तो वह बड़ी मस्त हो जाती है और इतने मस्त तरीके से अपनी

गंद और चूत उठा-उठा कर दिखाती है कि तू देख ले तो रंडी को चोदे बिना नही रह सकता,

तेरी मम्मी को

सबसे ज़्यादा मज़ा अपनी चूत चटाने और अपनी गंद मरवाने मे आता है और सबसे सुंदर तो उसका उठा हुआ

गदराया पेट है, जब तू अपनी मम्मी के नंगे पेट को घूर कर देखेगा तो तुझे उसकी चूत का एहसास अपने आप हो

जाएगा और तेरा लंड खड़ा हो जाएगा,

रोहित- मामा बहुत दिनो से तुमने मम्मी की चूत नही मारी है ना

अजय- हाँ यार लास्ट टाइम जब तेरी मम्मी आई थी तब वह 15 दिन रुकी थी और 15 दिन तक मैं उसे तेरी मामी के साथ

नंगी ही रखता था जब भी मैं काम से आता तो तेरी मम्मी और मामी दोनो नंगी ही घर का कम करती रहती थी

फिर मैं दोनो को एक साथ रात भर छोड़ता था,

अजय-तेरी मम्मी की गंद बहुत हेवी है तू अपनी मम्मी का नंगा पेट और नाभि उसकी गंद दबोच कर एक बार

अपने मूह से चूम ले तो तू पागल हो जाएगा इतनी गरम है तेरी मम्मी ,

अजय- क्या तेरा बहुत मन करता है अपनी मम्मी को चोदने का

क्रमशः......................

MAST GHODIYAN--9

gataank se aage........................

rohit ki najre bua ki

mast phuli hui chut par thi jo fati salwar se puri tarah bahar aa chuki thi, sandhya bua ki moti jangho ko masalte

huye uske pairo ko aur chauda kar rahi thi aur bua apni aankhe band kiye mand-mand muskura rahi thi,

rohit ne bua ki moti aur gudaj jangho ko apne hantho mai bhar rakha tha aur bua ki pav roti ki tarah phuli hui

chut dekh kar soch raha tha ki uski mummy manju ki chut kaisi hogi, manju ka nanga badan bhi pura bua ke

nange badan ki tarah hi hai tab to mummy ki bur bhi isi tarah phuli hui hona chahiye,

apni mummy ki chut ko

itna karib se agar dekhna ho jaye to uska maza hi kuch aur hota hai,

rohit apni bua ki bur dekh kar apni mummy ki yaado mai khoya hua tha aur sandhya rohit ki sthiti ko bhanp gai

thi aur aise moke par vah rohit ko aur bhi uttejit karke apne pati ko jyada maza dilane ki koshish karti hai,

sandhya- bua mummy to aap se umar mai badi hai na par dikhti vo bilkul aap ki umar ki hai aap dono jab papa

ke sath khadi hoti ho to dono unki bibiya lagti ho,

bua- are bahu teri mummy manju ka badan thoda kasa hua hai aur kuch nahi par pet to unka mujhse bhi jyada

bahar nikla hua hai,

sandhya- bua ki jangho ko upar tak bhichte huye, par bua ji lagta to vahi pet sundar hai na, mera kahne ka

matlab hai ki jab aurat 40 par karne lage to uska pet jitna uth kar ubharega vah utni hi mast najar aayegi,

aur ek bat aur bhi hai bua jin aurto ka pet utha ho aur gahri nabhi petikot aur sadi ke bahar dikh rahi ho aisi

aurto ke pichhe mard bahut bhagte hai,

bua- are bahu mardo ka kya hai kaisi bhi de do vah to ma chuda hi lege na,

sandhya-haste huye bua ab garam ho gai ho to utar do ye salwar kurta aur ho jao puri nangi,

bua- tera marad betha hai tere samne tu kyo nangi nahi ho jati hai,

sandhya- thik hai tum kahti ho to mai hi nangi ho jati hu aur phir sandhya ne apne ek-ek kapde utarne chalu kar

diye, bua muh fade sandhya ki aur dekh rahi thi,

aur ant mai sandhya ne apni gulabi painty ko dusri aur muh karke apni gudaj gand dikhate huye utar diya,

rohit apni jagah par betha apni mastani bibi ke nange badan ko dekhte huye bua ji ki jangho ki jado ko sahla

raha tha,

bua ji ka gala sukhne laga tha aur uski chut se pani aana shuru ho raha tha,

sandhya apni chikni phuli bur ko dikhati hui bua ke pas aa jati hai aur bua ki jangho ko chauda karke bua ki chut

mai hath marte huye are bua ji tumhari to chut dikh rahi hai,

sandhya ka itna kahna tha ki rohit ne bola kaha hai chut aur apna muh bua ki chut se laga diya bua rohit ka muh

apni dhadhakti bhosdi par lagne se tadap uthi aur apne hi hantho se apne dono mote-mote doodh ko pakad kar

masna chalu kar diya,

rohit ne bua ki chut ko chatte huye apne hath se salwar mai thodi aur takat laga kar bua ki salwar ko aur fad

diya aur bua ki pav roti jasi chut aur uski gahre bhure rang ke bade se gand ke chhed ko bahar le aaya,

sandhya ne jab pure aakar mai bua ki mast chut ko dekha to usne apne hantho se rukmani ki chut ko aur phaila

liya aur rohit ki aur ishara karte huye use chatne ko kaha,

rohit ne apni jeebh nikal kar bua ji ki chut ko chatna shuru kar diya bua ji hay rohit bete kya kar raha hai,

rohit- kuch nahi bua bas thoda sa ras pi raha hu

bua- beta mat pi please mat pi,

sandhya- are bua pi lene do na mummy pilayegi aur na tum pilaoge to bechare kiska piyege,

bua- hay to kya mai hi bachi hu sangita ka pi le aur tera to pita hi hoga bua ne sandhya ki aur dekh kar kaha

sandhya- bua rohit ne sangita ki bhi pi li hai ab uska man tumhari pine ka hai,

rohit - are chup raho sandhya bua ne mujhe mana hi kaha kiya hai aur tum bekar mai bahas kar rahi ho

rohit- muskurate huye bua ko dekh kar, kyo bua nahi kiya na mana, aur phir rohit apne muh ko bua ki chut se

bhida deta hai,

sandhya bua ke muh ke pas ukdu bethi thi aur uski do phanko mai bati mast chut bua ke muh ke bilkul karib thi

bua ab apne aap ko na rok saki aur usne apne muh ko sandhya ki mastani chut se laga diya,

bua ki is harkat se sandhya thoda chauki aur phir bua ko dekh kar rohit ko dekh muskurane lagi,

rohit ne ab apna land bahar nikal liya aur udhar bua chut chatne mai mast thi tabhi rohit ne khub sara thuk bua

ki mast chut mai lagaya aur apne land ke tope ko bua ki chut mai set karke uski moti jangho ko apne hantho mai

tham leta hai aur sandhya ki aur dekhta hai to sandhya kahti hai rohit tumhari mummy ki chut bhi bua ki chut

jaisi mast phuli hui hai,

rohit ka itna sunna tha ki usne ek kas ke dhaka bua ki chut mai mar diya aur tabhi

sandhya ne apni puri chut utha kar bua ke muh mai rakh di, bua ki awaj jo rohit ke dhakke se nikalne wali thi

vah vahi ke vahi dab kar sandhya ki chut mai sama gai,

sandhya ne bua ke muh mai apni chut ko achchi tarah ragda tab tak rohit raftar pakad chuka tha, bua ki

makhmali chut mai rohit ka land satasat andar bahar ho raha tha,

rohit ko tabhi apne papa ki yaad aa gai aur

usne bua ki gori gand mai jor se thappad marte huye uski chut mai land pelne laga,

rohit ke thappad marne se bua ki moti gand puri lal najar aa rahi thi aur aisi lal gand chodne mai rohit ko bada

maza aa raha tha rohit jitna tej apne land ka dhakka bua ki chut mai marta bua bhi utni teji se sandhya bahu ki

chut ko apne muh mai bhar leti thi,

ab rohit ki speed pure josh mai aa chuki thi aur vah bua ko satasat chod raha tha bua jor-jor se kahne lagi hay

bete chod bete chod apni mummy ki chut khub kas ke mar bete, udhar bua ki chut mai thokar pad rahe the idhar

sandhya ne bua ke bade-bade doodh ko mathna chalu kar diya sandhya kabhi bua ke doodh ke nippal ko katne

lagti aur kabhi uske dooh daboch kar chusne lagti thi, tabhi rohit ne bua ke bhari chutado ko kas kar bhichte

huye 8-10 dhakke aise mare ki bua ka pani nikal gaya aur vah rohit aur sandhya se buri tarah chipak kar hafne

lagi,

rohit ne apna land bua ki chut ke andar tak fasa rakha tha aur bua uske land ko apni chut ki gahrai mai

daboche haf rahi thi, sandhya dhire-dhire bua ke doodh daba-daba kar sahla rahi thi,

kuchh der bad sandhya ne bua ko uthate huye kaha

sandhya- bua ji masti aai ya aur lena hai, aaj to rohit ka land le kar aapki chut mast ho gai hogi,

bua- muskurate huye, sach bahu bada mast land paya hai tune, agar teri mummy manju aisa land le legi to vah

to apne bete ke land ki deewani ban jayegi,

tabhi call bell ki aawaj sun kar rohit gate kholne jata hai aur apni mummy aur bahan ke sath apne mama ajay ko

dekh kar are mama kya bat hai bade dino bad aaye ho,

ajay- muskurate huye, are rohit ab kya bolu yaar tu to janta hai mai kam dhandhe ke chakkar mai kabhi aa hi

nahi pata hu,

rohit chalo mama chai pi lo phir mai tumhe ghuma kar lata hu aur phir rohit apne mama ko chai pilane ke bad

ghumane le kar chala jata hai,

ajay- yaar rohit aaj to daru chakhne ka man ho raha hai

rohit- to mama shri chakho na kisne mana kiya hai, par mai tumhari aadat janta hu tumhe daru ke bad chode

bina maza bhi to nahi aata hai,

ajay- ha yaar rohit jab tak koi mast chut marne ko nahi mil jati daru ka maza aadhura hi rahta hai,

rohit- par mama tum itne chudase ho to mami ko to roj hi chodte honge ab kaisi dikhti hai mami

ajay- are ab kya batau dost teri mami bilkul teri mummy manju jaisi hai, jaise uroj aur nitamb teri mummy

manju ke hai bilkul aise hi,

rohit- lagta hai mama tum meri mummy ke bare mai mujhse bat karne mai asahaj mehsus kar rahe ho tabhi to

uroj aur nitamb jaise shabd use kar rahe ho

ajay- muskurata hua are nahi re vo bhi meri bahan hai aur teri mummy hai par

rohit par kya mama jab tum mami ki mastani chut ka varnan mere samne kai bar kar chuke ho to phir meri

mummy ke bare mai bat karne mai kahe ki jhijhak

ajay- mujhe laga tujhe kuchh aachcha na feel ho isliye,

rohit- kher kya mami puri mummy jaisi hi gadra gai hai,

ajay- are teri mami ki moti gamd bilkul teri mummy ki tarah hi dikhai deti hai aur uske doodh bhi manju didi ki

tarah hi lagte hai, aur janghe bhi teri mummy jaisi moti aur gudaj hai,

ajay- achcha rohit sangita bhi khub kasi kasai hai abhi jab hum aa rahe the to vah hamare aage -aage chal rahi

thi tab maine uski jeans mai se uski moti gand ko dekha to sach mano mera land khada ho gaya tabhi teri

mummy ne mujhe apne land ko adjust karte dekh liya aur mujhe muskurakar dekhte huye mere galo ko chum

liya sach rohit teri mummy ke honth bahut rasile hai jab hum auto mai bethe to ek taraf manju didi ki moti

janghe aur dusri taraf sangita ki janghe sahlate huye mai to mast ho gaya,

rohit aur ajay ne pina start kar diya aur dono nashe mai mast ho rahe the,

rohit- achcha mama sach batao tumne mummy ko chod rakha hai na,

ajay- sharmate huye are bhanje ab tujhe kya batau teri mummy jab bhi mere ghar aati hai mai use puri nangi

karke rat bhar chodta hu, sach rohit teri mummy badi mast mal hai randi ko chodne mai aadmi mast ho jata hai

rohit- kya mummy badi mast tarike se chudwati hai

ajay- are rohit jab teri mummy ki chut mai khujli hoti hai to vah badi mast ho jati hai aur itne mast tarike se apni

gand aur chut utha-utha kar dikhati hai ki tu dekh le to randi ko chode bina nahi rah sakta,

teri mummy ko

sabse jyada maza apni chut chatane aur apni gand marwane mai aata hai aur sabse sundar to uska utha hua

gadraya pet hai, jab tu apni mummy ke nange pet ko ghur kar dekhega to tujhe uski chut ka ehsas apne aap ho

jayega aur tera land khada ho jayega,

rohit- mama bahut dino se tumne mummy ki chut nahi mari hai na

ajay- ha yaar last time jab teri mummy aai thi tab vah 15 din ruki thi aur 15 din tak mai use teri mami ke sath

nangi hi rakhta tha jab bhi mai kam se aata to teri mummy aur mami dono nangi hi ghar ka kam karti rahti thi

phir mai dono ko ek sath rat bhar chodta tha,

ajay-teri mummy ki gand bahut heavy hai tu apni mummy ka nanga pet aur nabhi uski gand daboch kar ek bar

apne muh se chum le to tu pagal ho jayega itni garam hai teri mummy ,

ajay- kya tera bahut man karta hai apni mummy ko chodne ka

kramashah......................


rajaarkey
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Re: raj sharma stories मस्त घोड़ियाँ

Unread post by rajaarkey » 06 Dec 2014 12:56

मस्त घोड़ियाँ--10

गतान्क से आगे........................

रोहित- हाँ मामा मेरा बड़ा दिल करता है उसे चोदने का एक बार मुझसे अपनी चूत

मरवा लेगी तो मस्त हो जाएगी,

अजय- पर एक बात है रोहित अपनी बीबी के साथ अपनी मम्मी या बहन को चोदने मे बड़ा मज़ा आता है तू जब भी

अपनी मम्मी को चोदना अपनी बीबी के साथ ही चोदना

रोहित- पर मामा आज तुम्हारा मन किसे चोदने का कर रहा है

मामा- सच पुंछ भान्जे तो आज तेरी बहन संगीता की चूत मारने का खूब मन कर रहा है जबसे उसकी जीन्स

मे उठी मोटी गंद और उसकी टीशर्ट मे कसे हुए उसके मालदार दूध देखे है तब से बस संगीता की नंगी गंद

ही गंद नज़र आ रही है, वैसे तूने तो अपनी बहन को चोद लिया होगा ना,

रोहित- हाँ मामा मैने संगीता की खूब तबीयत से चुदाई की है उसकी सील मैने हो तोड़ी थी बड़ी टाइट थी साली की चूत

मैं तो संगीता को चोद-चोद के मस्त हो गया था,

अजय- तेरी मम्मी की सील भी बहुत टाइट थी रोहित सच तेरी मम्मी की सील तोड़ने मे पसीना आ गया था

रोहित- फिर तो मामा मम्मी की गंद भी बहुत टाइट होगी

अजय- हाँ तेरी मम्मी की गंद बहुत कसी हुई है और वह हर किसी से अपनी गंद नही मरवाती है कहती है जिसके

साथ चुदवाने मे उसे सबसे ज़्यादा मज़ा आता है उसी से अपनी गंद ठुकवाटी है,

रोहित- मामा आज तुमने मेरे तन बदन मे आग लगा दी है मेरी रंडी मम्मी की गंद और चूत की बात कर-कर के

आज मेरा बड़ा दिल कर रहा है अपनी मम्मी के नंगे बदन से चिपकने का उसका गुदाज पेट इतना उठा हुआ है तो

उसकी चूत कितनी फूली होगी,

चलो मामा अब घर चले मेरा मन अपनी मम्मी की गुदाज भरी हुई जवानी देखने का

बड़ा मन कर रहा है,

रोहित- चलते हुए, मामा तुमने कभी मम्मी की चूत से पेशाब पिया है

अजय- नही भान्जे वह मेरे कहने पर कभी मुतती ही नही है

रोहित- मामा मेरा तो बड़ा दिल करता है अपनी मम्मी को मुतते हुए देखने का और जब वह मुते तो मैं अपना

मूह उसकी चूत से लगा कर उसका सारा पेशाब पी जाउ,

मामा- भान्जे अगर तेरा ऐसा मन करता है तो अपनी मम्मी की चूत को दोनो हाथो से फैला कर अपनी जीभ से

उसकी चूत चूस्ते जाना और कहते जाना मूत रंडी मूत मेरे मूह मे फिर देखना वह तेरे मूह मे ज़रूर मूत देगी

दोनो मामा भान्जे का लंड पूरी तरह तना हुआ था और दोनो अपने घर पहुच जाते है

रात को सभी खाना खा कर बैठक मे बैठे हुए थे एक सोफे पर पापा, बुआ और पापा के दूसरी तरफ संगीता बैठी थी उनके सामने वाले सोफे पर मामा, मम्मी और रोहित बैठे थे, संध्या तभी सबके लिए कॉफी बना कर लाती है और फिर पापा के पीछे जा कर खड़ी हो जाती है, संध्या की कॉफी पीने से पहले यह सब ग्रूप मे बात कर रहे थे और जब कॉफी पीने लगे तो इनकी बाते आपस मे शुरू हो गई,

मंजू- अजय तू भैया संगीता वाले रूम मे सो जाना या तेरा मन हो तो गेस्ट रूम मे रुक जा, अजय- अरे दीदी तुम जहाँ कहोगी मैं तो वहाँ सो जाउन्गा तुम उस सब की फिकर मत करो, फिर मामा ने मम्मी की गुदाज जाँघो पर हाथ रख कर दबाते हुए कहा, दीदी अपने रोहित की तरफ भी ज़रा ध्यान दो अब वह भी बड़ा हो गया है, मंजू- रोहित के गाल खींच कर मुस्कुराती हुई अभी तो मेरा बेटा बच्चा है मुझे तो इसमे कोई भी बडो वाले गुण नही नज़र आए, रोहित का लंड तो वैसे ही अपनी मम्मी के बदन से आती हुई भीनी-भीनी खुश्बू के कारण खड़ा हो गया था पर जब उसकी मम्मी के बोलते समय उसके रसीले होंठो को अपने इतने करीब से देखा तो उसका दिल करने लगा कि अभी अपने होंठ अपनी मम्मी के रसीले होंठो से लगा दे,

रोहित- मम्मी मैं बड़ा हू या छ्होटा लेकिन मुझे हमेशा बडो मे दिलचस्पी रही है,

मामा- अरे दीदी रोहित अब जवान मर्द हो चुका है यह बात संध्या से बेहतर कोन जान सकता है चाहो तो पुंछ कर देख लो संध्या सारी बात आपको बता देगी,

उधर मनोहर अपने एक हाथ को संगीता के कमर मे डाले हुए उसकी चिकनी कमर का मज़ा ले रहा था वही दूसरे हाथ से बुआ की गदराई जाँघो को पकड़ रखा था, मनोहर की निगाहे बुआ के बड़े-बड़े थनो और उसके बड़े से ब्लौज के उपर से उभरे निप्पलो पर,

रोहित ने संध्या की ओर देखा और संध्या ने रूम मे चलने का इशारा किया और रोहित उठ कर अपने रूम मे निकल गया, उसके जाने के कुच्छ देर बाद वहाँ से संध्या भी अपने रूम मे आ गई और रोहित के उपर आकर उसके होंठो को चूमती हुई,

संध्या- जानू थोड़ा दबाओ ना,

रोहित- संध्या के दोनो दूध को अपने हाथो मे भर कर उसके होंठो को चूमता हुआ कस कर दबा देता है और संध्या की चूत से पानी आ जाता है, संध्या अपनी चूत को सहलाती हुई सच रोहित तुम्हारे एक बार चूमने भर से मेरी चूत मे पानी आ जाता है,

रोहित- आ जाता है ना, लेकिन मम्मी को क्या पता

संध्या- रोहित मम्मी ने कुच्छ कहा है क्या

रोहित- हाँ कहती है रोहित तो अभी बच्चा है उसमे मर्दो वाले उन्हे तो कोई गुण नज़र नही आते है,

संध्या-अपनी नाक पर गुस्सा चढ़ाते हुए ऐसा कहा उन्होने, मेरे मर्द को बच्चा कह रही है, रोहित अब ये संध्या तुम्हे तुम्हारी मम्मी की चूत और गंद दोनो खूब कस-कस कर चोदने को दिलवाएगी,

रोहित- खुश होते हुए सच मेरी जान, एक बार बस मुझे मेरी मम्मी की चूत और मोटी गंद मारने को मिल जाए फिर देखना संध्या मैं कैसे अपनी मम्मी की गंद और चूत मार-मार कर फाड़ता हू, रोहित अपना लंड मसल्ते हुए सच संध्या मम्मी की गंद और चूत फाड़ ना दी तो कहना, तब समझ मे आएगा कि मैं बच्चा हू या उनका बाप,

रोहित अपने पेंट की चैन खोले अपने लंड को अपने हाथो से सहलाता हुआ बोला पर संध्या हम कैसे मम्मी को चोदने मे कामयाब होगे,

संध्या रोहित के खड़े लंड को जाकर अपने हाथ से पकड़ लेती है और उसके लंड से अपनी चूत को लगा कर उसके लंड पर चढ़ने की कोशिश करती है और रोहित उसकी मोटी गंद के नीचे हाथ लगा कर उसे अपने लंड पर बैठा लेता है, संध्या के मूह से एक मस्त सिसकी निकल जाती है रोहित का मोटा लंड उसकी पूरी चूत को खोल कर अंदर तक फस चुका था संध्या ने रोहित के कंधो को अपने दोनो हाथो से थमते हुए अपनी चूत को लंड से अड्जस्ट किया और फिर अपने दोनो पेरो को रोहित की कमर से लपेट कर अपने पूरे पेट को रोहित के पेट से चिपका लिया रोहित का पूरा लंड संध्या की चूत मे फिट हो चुका था,

अब रोहित संध्या की गंद के दोनो पाटो को अपने हाथ से पकड़ कर फैलाए हुए उसकी चूत मार रहा था और संध्या उसके होंठो से अपने होंठ चिपकाए चूस रही थी,

फिर रोहित ने संध्या की पूरी गंद को एक ही हाथ से थाम लिया और दूसरे हाथ से संध्या के दूध को कस-कस कर मसालने लगा, कुछ देर बाद रोहित ने अपनी स्पीड बढ़ा दी और संध्या की चूत मे कस-कस कर 8-10 धक्के मारे और अपना पानी उसकी चूत मे छ्चोड़ दिया, संध्या पूरी तरह रोहित के लंड पर मचल उठी और फिर शांत होकर नीचे उतर आई,

दोनो बिस्तेर पर लेट गये और हफने लगे, कुछ ही देर मे संध्या और रोहित की नींद लग गई,

उधर मामा जी और मम्मी सोफे पर बैठे बैठे कर रहे थे और पापा भी संगीता और बुआ के बीच बैठे हुए थे, तभी संगीता उठ कर अपने मामा के बगल मे बैठ जाती है, संगीता की टीशर्ट से झाँकते उसके नुकीले चुचो की कठोरता को महसूस करके मामा का लंड झटके मारने लगा, तभी मम्मी ने कहा संगीता आज तू अपने मामा जी को अपने बिस्तेर मे सुला लेगी ना,

संगीता- क्यो नही मम्मी मैं तो यही चाह रही थी की आज मैं मामा जी के साथ सोऊ,

मंजू- ले अजय अब ठीक है ना दोनो मामा भांजी आराम से जाकर सो जाओ सुबह मिलते है ओके

मामा और संगीता अपने रूम मे चले गये और इधर मम्मी उठ कर सीधे पापा के बिल्कुल करीब बैठ गई और अब सोना भी है कि रात भर यही बैठे रहना है,

पापा- उठते हुए भाई मैने कब मना किया है चलो और फिर वहाँ से उठ कर अपने रूम मे जाने लगते है,

पापा रूम के अंदर चले जाते है तब मम्मी बुआ को कहती है आ ना रुक्मणी अभी से कहाँ तुझे नींद आ जाएगी,

रुक्मणी ने आज दिन मे ही अजय का मस्त लंड अपनी चूत मे लिया था इसलिए आज उसका कुच्छ खास मन नही था और उसने कहा नही भाभी आज मेरा मन नही है आप लोग बाते करो मैं जाकर सो जाती हू,

मम्मी- हस्ते हुए सच कह रही है या कोई और बात है

बुआ- शरमाते हुए अरे नही भाभी और कोई बात माही है आज वो क्या है ना दिन मे रोहित ने मेरे बदन की बहुत तबीयत से मालिश कर दी थी बस तब से भाभी पूरे रोम-रोम मे दर्द उठ रहा है,

मम्मी- ऐसी कैसी मालिश की है रोहित ने कही तूने वहाँ भी मालिश तो नही करवाई,

बुआ- अब भाभी जब पूरे बदन की बात कर रही हू तो समझ जाओ

मम्मी- हे भगवान तूने रोहित से ही अपनी चूत मरवा ली, फिर मम्मी हस्ते हुए चल कोई बात नही वैसे भी रोहित तो अभी बच्चा है,

बुआ- अरे भाभी भरोसे मत रहना उसका मस्त लंड अगर तुम्हारी चूत मे घुस जाए तो तुम्हारी चूत की धज्जिया उड़ा देगा, एक बार लेके तो देखो पसीने ना च्छुटा दे तुम्हारे तुम्हारा बेटा तो कहना,

मम्मी- थोड़ा आश्चर्या से देख कर बोलती है क्या बहुत बड़ा और मोटा है उसका लंड, तुझे खूब चोदा है क्या उसने,

बुआ- मेरी तो चूत मे अभी तक दर्द है और गंद अलग दर्द कर रही है,

मम्मी- क्या तेरी गंद भी मारी है उसने,

बुआ- तुम अपनी गंद बचा के रखना भाभी

मम्मी-क्यो

बुआ- क्यो कि वह तो तुम्हारी गंद का दीवाना है वह तुम्हे खूब मस्त तरीके से ठोकना चाहता है,

मम्मी- चल झूठी कही की

बुआ- तुम्हारी कसम भाभी उसकी नज़र हमेशा तुम्हारी मोटी गंद पर रहती है,

बुआ की बाते सुन कर मम्मी की चूत मे पानी आ जाता है और वह बुआ से और खोद-खोद के पुच्छने लगती है,

मम्मी- उसने क्या तुझे पूरी नंगी कर दिया था,

बुआ- हाय भाभी मुझे शर्म आती है

मम्मी- बता ना रंडी चुद चुकी है और शर्मा रही है, मस्त भोसड़ा मरवा चुकी है और मुझे बताने मे शर्म आ रही है अब बोल भी,

बुआ- अरे भाभी उसने तो मुझे पूरी नंगी कर दिया था और जब अपने मोटे लंड को मेरी चूत मे भर कर मुझे चोदा तो मैं तो मस्त हो गई, सच भाभी तुम्हारा बेटा बहुत मस्त तरीके से चूत ठोकता है, एक बार तुम अपने बेटे का लंड अपनी चूत मे ले लोगि तो मस्त हो जाओगी,

मंजू की चूत अपने बेटे के मोटे तगड़े लंड के नाम से पनिया गई थी और वह अपनी चूत को अपने हाथो से मसल्ते हुए,

मंजू- हफ्ते हुए और बता ना मेरे बारे मे क्या कह रहा था, क्या वह अपनी मम्मी को भी चोदना चाहता है,

बुआ- हाँ भाभी वह कह रहा था कि उसे सबसे सुंदर मम्मी लगती है मम्मी के रसीले होंठो को पीने के लिए वह पागल रहता है और उसे सबसे अच्छे तो तुम्हारे ये चौड़े चूतड़ लगते है, कभी देखना उसे कैसे खा जाने वाली नज़रो से तुम्हारी मोटी गंद देखता है,

मम्मी- हाई राम मैं तो उसे बच्चा समझती थी मुझे क्या पता वह अपनी मम्मी की चूत का ही प्यासा है,

बुआ- दीदी मैं तो जब से उससे चुद कर आई हू मेरा सारा बदन टूट रहा है गजब चुड़क्कड़ बेटा पेदा किया है तुमने अब वह तुम्हारी ही चूत कूटने के चक्कर मे है,

मम्मी- क्या संध्या भी साथ थी तुम लोगो के

बुआ- अरे बहू तो पक्की चुदेल है वही तो उकसाती है उसे तुम्हे चोदने के लिए, कहती है रोहित मुझे अपनी मम्मी समझ कर चोदो,

मंजू मन ही मन खुस होते हुए कितना ख्याल है मेरी बहू को मेरा,

मंजू- अच्छा तू अब हमारे साथ सोएगी या अकेली, आना हो तो आ जा, तेरे भैया को वैसे ही तुझे चोदे बिना नींद नही आएगी,

क्रमशः......................

MAST GHODIYAN--10

gataank se aage........................

rohit- ha mama mera bada dil karta hai use chodne ka ek bar mujhse apni chut

marwa legi to mast ho jayegi,

ajay- par ek bat hai rohit apni bibi ke sath apni mummy ya bahan ko chodne mai bada maza aata hai tu jab bhi

apni mummy ko chodna apni bibi ke sath hi chodna

rohit- par mama aaj tumhara man kise chodne ka kar raha hai

mama- sach punch bhanje to aaj teri bahan sandhya ki chut marne ka khub man kar raha hai jabse uski jeans

mai uthi moti gand aur uski tshirt mai kase huye uske maldar doodh dekhe hai tab se bas sangita ki nangi gand

hi gand najar aa rahi hai, vaise tune to apni bahan ko chod liya hoga na,

rohit- ha mama maine sangita ki khub tabiyat se chudai ki hai uski seal maine ho todi thi badi tite thi sali ki chut

mai to sangita ko chod-chod ke mast ho gaya tha,

ajay- teri mummy ki seal bhi bahut tite thi rohit sach teri mummy ki seal todne mai pasina aa gaya tha

rohit- phir to mama mummy ki gand bhi bahut tite hogi

ajay- ha teri mummy ki gand bahut kasi hui hai aur vah har kisi se apni gand nahi marwati hai kahti hai jiske

sath chudne mai use sabse jyada maza aata hai usi se apni gand thukwati hai,

rohit- mama aaj tumne mere tan badan mai aag laga di hai meri randi mummy ki gand aur chut ki bat kar-kar ke

aaj mera bada dil kar raha hai apni mummy ke nange badan se chipakne ka uska gudaj pet itna utha hua hai to

uski chut kitni phuli hogi,

chalo mama ab ghar chale mera man apni mummy ki gudaj bhari hui jawani dekhne ka

bada man kar raha hai,

rohit- chalte huye, mama tumne kabhi mummy ki chut se peshab piya hai

ajay- nahi bhanje vah mere kahne par kabhi tutti hi nahi hai

rohit- mama mera to bada dil karta hai apni mummy ko mutte huye dekhne ka aur jab vah mute to mai apna

muh uski chut se laga kar uska sara peshab pi jau,

mama- bhanje agar tera aisa man karta hai to apni mummy ki chut ko dono hantho se faila kar apni jeebh se

uski chut chuste jana aur kahte jana mut randi mut mere muh mai phir dekhna vah tere muh mai jarur mut degi

dono mama bhanje ka land puri tarah tana hua tha aur dono apne ghar pahuch jate hai

rat ko sabhi khana kha kar bethak mai bethe huye the ek sofe par papa, bua aur papa ke dusri taraf sangita bethi thiunke samne wale sofe par mama, mummy aur rohit bethe the, sandhya tabhi sabke liye coffee bana kar lati hai aur phir papa ke piche ja kar khadi ho jati hai, sandhya ki coffee pine se pahle yah sab group mai bat kar rahe the aur jab coffee pine lage to inki bate apas mai shuru ho gai,

manju- ajay tu bhaiya sangita wale room mai so jana ya tera man ho to gest room mai ruk ja, ajay- are didi tum jaha kahogi mai to vaha so jaunga tum us sab ki fikar mat karo, phir mama ne mummy ki gudaj jangho par hath rakh kar dabate huye kaha, didi apne rohit ki taraf bhi jara dhyan do ab vah bhi bada ho gaya hai, manju- rohit ke gal khinch kar muskurati hui abhi to mera beta bachcha hai mujhe to isme koi bhi bado wale gun nahi najar aaye, rohit ka land to vaise hi apni mummy ke badan se aati hui bhini-bhini khushbu ke karan khada ho gaya tha par jab uski mummy ke bolte samay uske rasile hontho ko apne itne karib se dekha to uska dil karne laga ki abhi apne honth apni mummy ke rasile hontho se laga de,

rohit- mummy mai bada hu ya chhota lekin mujhe hamesha bado mai dilchaspi rahi hai,

mama- are didi rohit ab jawan mard ho chuka hai yah bat sandhya se behtar jaun jan sakta hai chaho to punch kar dekh lo sandhya sari bat aapko bata degi,

udhar manohar apne ek hath ko sangita ke kamar mai dale huye uski chikni kamar ka maza le raha tha vahi dusre hath se bua ki gadrai jangho ko pakad rakha tha, manohar ki nigahe bua ke bade-bade thano aur uske bade se blauj ke upar se ubhare nippalo par,

rohit ne sandhya ki aur dekha aur sandhya ne room mai chalne ka ishara kiya aur rohit uth kar apne room mai nikal gaya, uske jane ke kuchh der bad vaha se sandhya bhi apne room mai aa gai aur rohit ke upar aakar uske hontho ko chumti hui,

sandhya- janu thoda dabao na,

rohit- sandhya ke dono doodh ko apne hantho mai bhar kar uske hontho ko chumta hua kas kar daba deta hai aur sandhya ki chut se pani aa jata hai, sandhya apni chut ko sahlati hui sach rohit tumhare ek bar chumne bhar se meri chut mai pani aa jata hai,

rohit- aa jata hai na, lekin mummy ko kya pata

sandhya- rohit mummy ne kuchh kaha hai kya

rohit- ha kahti hai rohit to abhi bachcha hai usme mardo wale unhe to koi gun najar nahi aate hai,

sandhya-apni nak par gussa chadhate huye aisa kaha unhone, mere mard ko bachcha kah rahi hai, rohit ab ye sandhya tumhe tumhari mummy ki chut aur gand dono khub kas-kas kar chodne ko dilwayegi,

rohit- khush hote huye sach meri jan, ek bar bas mujhe meri mummy ki chut aur moti gand marne ko mil jaye phir dekhna sandhya mai kaise apni mummy ki gand aur chut mar-mar kar fadta hu, rohit apna land masalte huye sach sandhya mummy ki gand aur chut fad na di to kahna, tab samajh mai aayega ki mai bachcha hu ya unka bap,

rohit apne pent ki chain khole apne land ko apne hantho se sahlata hua bola par sandhya hum kaise mummy ko chodne mai kamyab hoge,

sandhya rohit ke khade land ko jakar apne hath se pakad leti hai aur uske land se apni chut ko laga kar uske land par chadhne ki koshish karti hai aur rohit uski moti gand ke niche hath laga kar use apne land par betha leta hai, sandhya ke muh se ek mast siski nikal jati hai rohit ka mota land uski puri chut ko khol kar andar tak fas chuka tha sandhya ne rohit ke kandho ko apne dono hantho se thamte huye apni chut ko land se adjust kiya aur phir apne dono pero ko rohit ki kamar se lapet kar apne pure pet ko rohit ke pet se chipka liya rohit ka pura land sandhya ki chut mai fit ho chuka tha,

ab rohit sandhya ki gand ke dono pato ko apne hath se pakad kar pailaye huye uski chut mar raha tha aur sandhya uske hontho se apne honth chipkaye chus rahi thi,

phir rohit ne sandhya ki puri gand ko ek hi hath se tham liya aur dusre hath se sandhya ke doodh ko kas-kas kar masalne laga, kuch der bad rohit ne apni speed badha di aur sandhya ki chut mai kas-kas kar 8-10 dhakke mare aur apna pani uski chut mai chhod diya, sandhya puri tarah rohit ke land par machal uthi aur phir shant hokar niche utar aai,

dono bister par let gaye aur hafne lage, kuch hi der mai sandhya aur rohit ki neend lag gai,

udhar mama ji aur mummy sofe par bethe bate kar rahe the aur papa bhi sangita aur bua ke beech bethe huye the, tabhi sangita uth kar apne mama ke bagal mai beth jati hai, sangita ki tshirt se jhankte uske nukile chucho ki kathorta ko mehsus karke mama ka land jhatke marne laga, tabhi mummy ne kaha sangita aaj tu apne mama ji ko apne bister mai sula legi na,

sangita- kyo nahi mummy mai to yahi chah rahi thi ki aaj mai mama ji ke sath sou,

manju- le ajay ab thik hai na dono mama bhanji aaram se jakar so jao subah milte hai ok

mama aur sangita apne room mai chale gaye aur idhar mummy uth kar sidhe papa ke bilkul karib beth gai aur ab sona bhi hai ki rat bhar yahi bethe rahna hai,

papa- uthte huye bhai maine kab mana kiya hai chalo aur phir vaha se uth kar apne romm mai jane lagte hai,

papa room ke andar chale jate hai tab mummy bua ko kahti hai aa na rukmani abhi se kaha tujhe neend aa jayegi,

rukmani ne aaj din mai hi ajay ka mast land apni chut mai liya tha isliye aaj uska kuchh khas man nahi tha aur usne kaha nahi bhabhi aaj mera man nahi hai aap log bate karo mai jakar so jati hu,

mummy- haste huye sach kah rahi hai ya koi aur bat hai

bua- sharmate huye are nahi bhabhi aur koi bat mahi hai aaj vo kya hai na din mai rohit ne mere badan ki bahut tabiyat se malish kar di thi bas tab se bhabhi pure rom-rom mai dard uth raha hai,

mummy- aisi kaisi malish ki hai rohit ne kahi tune vaha bhi malish to nahi karwai,

bua- ab bhabhi jab pure badan ki bat kar rahi hu to samajh jao

mummy- he bhagwan tune rohit se hi apni chut marwa li, phir mummy haste huye chal koi bat nahi vaise bhi rohit to abhi bachcha hai,

bua- are bhabhi bharose mat rahna uska mast land agar tumhari chut mai ghus jaye to tumhari chut ki dhajjiya uda dega, ek bar leke to dekho pasine na chhuta de tumhare tumhara beta to kahna,

mummy- thoda ashcharya se dekh kar bolti hai kya bahut bada aur mota hai uska land, tujhe khub choda hai kya usne,

bua- meri to chut mai abhi tak dard hai aur gand alag dard kar rahi hai,

mummy- kya teri gand bhi mari hai usne,

bua- tum apni gand bacha ke rakhna bhabhi

mummy-kyo

bua- kyo ki wah to tumhari gand ka deewana hai wah tumhe khub mast tarike se thokna chahta hai,

mummy- chal jhuthi kahi ki

bua- tumhari kasam bhabhi uski najar hamesha tumhari moti gand par rahti hai,

bua ki bate sun kar mummy ki chut mai pani aa jata hai aur vah bua se aur khod-khod ke puchhne lagti hai,

mummy- usne kya tujhe puri nangi kar diya tha,

bua- hay bhabhi mujhe sharm aati hai

mummy- bata na randi chud chuki hai aur sharma rahi hai, mast bhosda marwa chuki hai aur mujhe batane mai sharm aa rahi hai ab bol bhi,

bua- are bhabhi usne to mujhe puri nangi kar diya tha aur jab apne mote land ko meri chut mai bhar kar mujhe choda to mai to mast ho gai, sach bhabhi tumhara beta bahut mast tarike se chut thokta hai, ek bar tum apne bete ka land apni chut mai le logi to mast ho jaogi,

manju ki chut apne bete ke mote tagde land ke nam se paniya gai thi aur vah apni chut ko apne hantho se masalte huye,

manju- hafte huye aur bata na mere bare mai kya kah raha tha, kya vah apni mummy ko bhi chodna chahta hai,

bua- ha bhabhi vah kah raha tha ki use sanbse sundar mummy lagti hai mummy ke rasile hontho ko pine ke liye vah pagal rahta hai aur use sabse achche to tumhare ye chaude chutad lagte hai, kabhi dekhna use kaise kha jane wali najro se tumhari moti gand dekhta hai,

mummy- hay ram mai to use bachcha samajhti thi mujhe kya pata vah apni mummy ki chut ka hi pyasa hai,

bua- didi mai to jab se usse chud kar aai hu mera sara badan tut raha hai gajab chudakkad beta peda kiya hai tumne ab vah tumhari hi chut kutne ke chakkar mai rahta hai,

mummy- kya sandhya bhi sath thi tum logo ke

bua- are bahu to pakki chudel hai vahi to uksati hai use tumhe chodne ke liye, kahti hai rohit mujhe apni mummy samajh kar chodo,

manju man hi man khus hote huye kitna khyal hai meri bahu ko mera,

manju- achcha tu ab hamare sath soyegi ya akeli, aana ho to aa ja, tere bhaiya ko vaise hi tujhe chode bina nind nahi aayegi,

kramashah......................


rajaarkey
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Re: raj sharma stories मस्त घोड़ियाँ

Unread post by rajaarkey » 06 Dec 2014 12:58

मस्त घोड़ियाँ--11

गतान्क से आगे........................

रुक्मणी- आज भैया को तुम अपनी चूत चटवा दो मैं कल देखूँगी आज तो मेरी चूत मे तुम्हारे बेटे के लंड की चुभन ही महसूस होने दो आज बहुत दिनो बाद किसी जवान लंड ने चोदा है अलग ही मिठास पेदा हो रही है,

बुआ के जाने के बाद मंजू अपने पति के पास जाकर बैठ जाती है और मनोहर एक बात .

मनोहर- मंजू का गुदाज उठा हुआ पेट सहलाते हुए हाँ पुछो रानी,

मंजू- क्या मैं बहुत सुंदर हू और क्या बहुत सेक्सी लगती हू,

मनोहर- मेरी रानी तुम बहुत सुंदर और सेक्सी हो तुम्हारे चेहरे को देख कर ही काम रस टपकता है

मंजू- क्या मुझे देख कर किसी का लंड भी खड़ा हो स्कता है

मनोहर- हाँ मेरी जान तुम्हारी गुदाज जवानी को देख कर किसी का लंड भी खड़ा हो सकता है

मंजू- क्या मेरे बेटे का लंड भी मुझे देख कर खड़ा होता होगा

मनोहर -क्यो नही तुम इतनी मस्त चोदने लायक लगती हो कि तुम्हारे बेटे का लंड भी तुम्हे देखते ही खड़ा हो जाता होगा, और तो और तुम्हारा बेटा तो तुम्हे अपने ख़यालो मे ही कई बार पूरी नंगी करके चोद चुका होगा, तुम्हे मालूम नही अपनी मम्मी को चोदने मे बेटो को कितना सुख मिलता है,

अगर तेरे जैसी खूबसूरत रंडी मेरी मम्मी होती तो मैं तो तेरी चूत अपने लंड से चोद-चोद के भोसड़ा बना देता, दिन रात तेरी गंद रंडियो की तरह चोद्ता,

मनोहर- लेकिन आज तुम यह सब अचानक क्यो पुच्छने लगी कही रोहित ने तुम्हारी चूत मे हाथ तो नही मार दिया या फिर तुम्हारी मोटी गंद को दबा दिया,

मंजू- नही ये बात नही है पर आज कल मैने देखा है वह मेरे चुतडो की तरफ बहुत देखने लगा है,

मनोहर- तुम्हारी जवान गंद देख कर तो किसी का भी लंड खड़ा हो जाए फिर वह तो तुम्हारा बेटा है उसका लंड तो अपनी मा की गदराई जवानी देख कर खड़ा होना ही है,

उधर अजय अपनी भांजी संगीता के पास पहुच जाता है और संगीता अपनी टीशर्ट और स्कर्ट पहने बैठी रहती है,

मामा- संगीता यहाँ आओ अब तो तुम कितनी बड़ी हो गई हो और मामा संगीता के गालो को चूम लेता है,

संगीता अपने मामा से चिपकती हुई ओह मामा तुम कितने दिनो बात आए हो अब तो तुम्हारी भांजी तुम्हारे साइज़ की हो गई है,

मामा- संगीता की गुदाज जवानी और उसके कठोर दूध जो की टीशर्ट मे एक बड़ा सा शॅप बनाए हुए नज़र आ रहे थे को देख कर कहता है मेरी रानी तुम तो बहुत ज़्यादा जवान हो गई हो और पूरी अपनी मम्मी पर गई हो, कुछ दिनो मे ही तुम्हारी ये जंघे और तुम्हारी ये गुदाज गंद अपनी मम्मी जैसी ही मस्त फैल जाएगी और फिर देखना तुम्हारी जवानी को पीने के लिए लोगो का दिन मचल जाएगा

संगीता अपने सीने को उपर की ओर तान कर अंगड़ाई लेते हुए हे मामा जी पूरा बदन टूट रहा है

मामा - अरे बेटी मैं आज तेरे बदन के हर हिस्से मे अच्छी मसाज कर देता हू,

दोनो एक दूसरे को सहलाते हुए बातो मे मगन थे तभी उन्हे किसी के आने की आहट होती है और संगीता चुपचाप आँख बंद करके लेट जाती है और मामा जी दरवाजे की ओर देखने लगते है

मामा- अरे दीदी अभी तक सोई नही तुम

मंजू- हाँ रे नींद नही आ रही थी फिर मंजू अपनी बेटी संगीता की ओर देखने लगी जो अपने दोनो पेरो के घटनो को मोड हुए सोने की आक्टिंग कर रही थी, मम्मी ने देखा संगीता की मूडी हुई टाँगो के बीच का हिस्सा साफ नज़र आ रहा था और उसकी जंघे बहुत चिकनी गोरी और मस्त लग रही थी और उसकी पॅंटी का वह हिस्सा इतना फूला हुआ लग रहा था जहाँ संगीता की मस्त बिना झांतो वाली चूत दबी हुई थी,

मामा जी की नज़रे भी संगीता की मस्त पॅंटी के उपर से फुल्ली नज़र आ रही चूत पर थी, मम्मी ने मुस्कुराते हुए मामा जी से पुछा अभी सोई है क्या,

मामा- हाँ दीदी

मंजू- और सुना भाभी और बच्चे की याद तो नही आ रही है

मामा- मम्मी की नशीली आँखो मे देखते हुए अपने लंड को सहला कर दीदी तेरी बेटी संगीता को तो तुमने एक दम मस्त माल बना दिया है देख उसकी गुदाज बुर कितनी फूली लग रही है और फिर मामा ने संगीता की दोनो टाँगो को और भी ज़्यादा चौड़ा कर दिया और संगीता की गुलाबी चूत पॅंटी के एक साइड से झाँकने लगी,

मम्मी - मामा के सामने अपना गुदाज उठा हुआ पेट सहलाते हुए, उसके पास जाकर मुस्कुराती हुई उसके सर पर हाथ फेर कर, क्या बात है भाई इतने क्यो परेशान दिख रहा है,

मामा- ने अपने मूह को मम्मी को गुदाज पेट से लगा दिया और अपने हाथ को मम्मी की मोटी गंद के पिछे लेजा कर दबाते हुए, हे दीदी तुम्हारी लोंड़िया भी बिल्कुल तुम्हारी तरह चिकनी दिखने लगी है मैं तो बहुत तड़प रहा हू

मम्मी- मामा के लंड को अपने हाथो मे थाम कर, अरे पगले चुपचाप संगीता की गंद से चिपक कर उसकी चूत और बोबे थोड़े दबा दे वह खुद ही कुछ देर मे उठ जाएगी, पर हाँ अभी कुँवारी है बड़े प्यार से उसकी चूत मारना और हाँ अपनी बेटी समझ कर ही चोदना समझे,

मामा- मम्मी के होंठो को चूस कर दीदी संगीता इतनी कसी हुई माल है फिर भी जीजाजी ने अभी तक अपनी बेटी की चूत नही मारी क्या बात है,

मम्मी- अरे जब से उनकी बहन रुक्मणी आई है तब से वह उसको ही ज़्यादा चोद्ते है इसलिए उनका ध्यान नही गया और फिर संगीता की चूत की सील भी तो तेरे लंड से टूटना लिखी थी,

उधर संगीता अपने मन मे सोचती है तुम क्या खाक मेरी सील तोडोगे मैं तो कब की अपने भैया से अपनी चूत मरा चुकी हू,

मामा- दीदी आज मैं तेरी चिकनी बेटी की चूत फाड़ कर रख दूँगा

मम्मी- मुस्कुराते हुए वो तो तेरा खड़ा लंड ही बता रहा है कि तू मेरी चिकनी लोंड़िया को देख कर कैसे तड़प रहा है,

मामा- दीदी थोड़ा सा शहद है क्या

मम्मी- क्यो अब शहद का क्या करेगा

मामा- दीदी मैं जब भी कुँवारी लोंदियो की चूत चाट्ता हू तो शहद लगा कर चाटने मे बड़ा मज़ा आता है

मम्मी- बड़ा आया कुँवारी लोंदियो को चोदने वाला तूने अभी तक किसी कुँवारी लोंड़िया को चोदा भी है,

मामा-अब क्या करू दीदी कभी मोका ही नही लगा

मम्मी- जब तेरी खुद की बेटी थोड़ी बड़ी हो जाए तब उसे चोदना फिर देखना अपनी ही बेटी की चिकनी चूत चूसने मे तुझे कितना मज़ा आएगा,

मामा- दीदी अब तुम यहाँ से जाओ नही तो मैं तुम्हारी चूत मे अपना लंड फसा दूँगा

मम्मी- जाती हू बाबा पर तेरे लिए शहद तो ला दू फिर थोड़ी देर बाद मम्मी शहद देकर चली गई और मामा दरवाजा बंद करके संगीता के पेरो के पास बैठ गये संगीता एक दम से उठ कर बैठ जाती है और अपने मामा का मोटा लंड पकड़ते हुए,

संगीता- मामा जी आज अपनी बेटी को चोदने वालो हो क्या

मामा- संगीता के रसीले होंठो को एक दम से अपने मूह मे भर लेता है और उसकी शर्ट उतार देता है जब मामा संगीता की कसी हुई गुदाज चुचिया देखता है तो उसका लंड झटके मारने लगता है और वह अपनी भांजी के दूध को पागलो की तरह मसल्ने लगता है,

संगीता- आह मामा जी बहुत जोश मे लग रहे हो आज अपनी बेटी की बुर पीने का बड़ा मन कर रहा है आपका पर मामा जी मेरी रंडी मम्मी को भी यही चोद देते, बहुत बड़ी रंडी है वो तुमने तो खूब उसकी चूत खोल -खोल के सूँघी होगी ना,

मामा- संगीता के दूध के निप्पल मे शहद की बूंदे टपका कर उसके एक निप्पल को कस कर अपने दांतो से काट कर चूस्ते हुए, हाय मेरी रंडी भांजी तेरी मम्मी अपनी गंद मारने को मुझे नही देती है नही तो साली की गंद मार-मार कर लाल कर दू,

संगीता- आह मामा जी कितना अच्छा चूस्ते हो अब सीधे मेरी चूत मे शहद डाल कर चाट लो तो मज़ा आए,

मामा- संगीता की पॅंटी को एक झटके मे उतार कर उसकी जाँघो को खूब कस कर फैला देता है और फिर अपनी भांजी की गुलाबी चूत को देख कर उसको चूमते हुए उसमे खूब सारा शहद लगाने लगता है और संगीता आह आह करने लगती है,

संगीता- मामा जी मेरा दिल करता है कि कोई मेरी मम्मी को खूब रंडी की तरह चोदे, इतना चोदे इतना चोदे कि रंडी का मूत निकाल दे मेरी मम्मी किसी चुदी हुई कुतिया की तरह अपनी गंद हिलाती पड़ी रहे और उसकी गंद और चूत मे तगड़े लंड घुस-घुस कर उसे चोद्ते रहे,

मामा तब तक संगीता की बुर मे शहद डाल कर उसे चाटने लगा था वह जितना संगीता की गुलाबी चूत को फैला कर चाट्ता संगीता उतना ही सी सी की आवाज़ निकालने लगती, मामा पागल कुत्ते की तरह संगीता की चूत को चाट रहा था और उसकी चूत एक दम लाल हो चुकी थी तभी मामा जी ने संगीता को उठा कर उसकी जगह खुद लेट गये और संगीता को उठा कर उसकी गंद को अपने मूह से सटा लिया इस तरह संगीता मामा के पेट पर लेट गई और उनके लंड पर शहद लगा कर चाटने लगी, अब इधर मामा संगीता की गंद और चूत दोनो को फैला-फैला कर चाट रहा था उधर संगीता अपने मामा का मोटा लंड चूस रही थी,

संगीता-मामा जी मम्मी की चूत का रस ज़्यादा अच्छा है या मेरा

मामा- बेटी अभी तो तेरी चूत के रस से अच्छा कुछ भी नही लग रहा है, पर एक बात बता तुझे सबसे ज़्यादा चुदने का मन किससे होता है,

संगीता- मामा जी मुझे तो पापा का लंड सबसे अच्छा लगता है, जब पापा मेरे उपर चढ़ कर मेरी मस्त गंद ठोंकेगे तब देखना मैं अपने पापा को अपने भोस्डे मे भर लूँगी,

मामा- संगीता की चूत की फांको को पिछे से पूरी तरह खोल कर उसके गुलाबी छेद मे अपनी नुकीली जीभ डाल कर उसका रस चूस लेता है और संगीता अपनी चूत मामा के मूह मे दबा देती है,

मामा- बेटी जब तेरे पापा तेरी चूत मे अपना लंड पेल देंगे तब उन्हे भी अपनी बेटी को चोदने मे मज़ा आ जाएगा और फिर मामा जी संगीता को अपने मूह से उतर कर उठ कर बैठ जाते है,

और संगीता की जाँघो को फैला कर देखते हुए, उसकी चूत का दाना सहलाते हुए संगीता बहुत खुजली हो रही है ना,

संगीता- हाँ मामा जी अब जल्दी से मेरी चूत मे लंड डाल दो और मुझसे खूब गंदी-गंदी बाते करो

मामा- हैरानी से संगीता की ओर देखते हुए बेटी तू बिल्कुल अपनी मम्मी पर गई है जब तेरी मम्मी अपनी चूत मरवाती है तो उसे भी खूब गंदी बाते करने का मन होता है,

संगीता अपनी चूत को फैला कर अपनी टाँगे हवा मे उठा लेती है और मामा जी अपने लंड को उसकी चूत के छेद मे लगा कर एक कस कर धक्का उसकी फूली बुर मे मार देते है और संगीता आह मामा जी मर गई आह आह

मामा जी प्लीज़ थोड़ा धीरे डालो बहुत मोटा लंड है, तभी मामा जी संगीता की चिकनी जाँघो को अपने हाथो मे दबोच कर दूसरा धक्का कस कर देते है और उनका पूरा लंड संगीता की चूत मे फिट हो जाता है औ संगीता ओह ओह मामा मार डाला रे कुत्ते कितना तेज धक्का मार दिया,

मामा जी बस मेरी रानी बस अब बहुत धीरे-धीरे तुझे चोदुन्गा और मामा जी अपने लंड को संगीता की बुर मे पेलने लगे, संगीता अपनी गंद उठा कर मामा के लंड पर दबाने लगी और जल्दी ही संगीता की चूत बहुत चिकनी होकर अपने मामा का लंड लेने लगी,

मामा जी संगीता के रसीले होंठो को चूस्ते हुए उसकी कसी हुई चुचियो को दबा-दबा कर उसकी बुर मे गहराई तक लंड पेलने लगते है,

संगीता-आह आह ओह मामा जी कितना मस्त लंड है तेरा, बहुत बढ़िया चोद रहे हो मामा जी

मामा- बेटी बस आज ऐसे ही रात भर तेरी चूत को तेरा मामा चोदेगा बस तू आराम से अपनी जाँघो को फैलाए रह,

संगीता- आह अच्छा मामा जी आदमियो को सबसे ज़्यादा किसकी चूत मारने मे मज़ा आता है

मामा- बेटी किसी भी आदमी को सबसे ज़्यादा मज़ा उसकी खुद की मम्मी को चोदने मे आता है, मा को अपने बेटे का लंड लेने का बड़ा मन करता है और अपने बेटे के लंड को सोच-सोच कर खूब अपनी चूत मरवाती है,

और एक बाप को अपनी कुँवारी बेटी को चोदने मे बड़ा मज़ा आता है, और अगर बेटी शादीशुदा होती है तो बाप को अपनी बेटी को चोदने मे और भी मज़ा आता है,

संगीता- आह आह मतलब जब मेरी शादी हो जाएगी तो पापा और भी मस्त तरीके से मुझे चोदने के लिए तड़प उठेगे,

क्रमशः......................

MAST GHODIYAN--11

gataank se aage........................

rukmani- aaj bhaiya ko tum apni chut chatwa do mai kal dekhungi aaj to meri chut mai tumhare bete ke land ki chubhan hi mehsus hone do aaj bahut dino bad kisi jawan land ne choda hai alag hi mithas peda ho rahi hai,

bua ke jane ke bad manju apne pati ke pas jakar beth jati hai aur manohar ek bat punchu

manohar- manju ka gudaj utha hua pet sahlate huye ha puchho rani,

manju- kya mai bahut sundar hu aur kya bahut sexy lagti hu,

manohar- meri rani tum bahut sundar aur sexy ho tumhare chehre ko dekh kar hi kam ras tapakta hai

manju- kya mujhe dekh kar kisi ka land bhi khada ho skata hai

manohar- ha meri jan tumhari gudaj jawani ko dekh kar kisi ka land bhi khada ho sakta hai

manju- kya mere bete ka land bhi mujhe dekh kar khada hota hoga

manohar -kyo nahi tum itni mast chodne layak lagti ho ki tumhare bete ka land bhi tumhe dekhte hi khada ho jata hoga, aur to aur tumhara beta to tumhe apne khayalo mai hi kai bar puri nangi karke chod chuka hoga, tumhe malum nahi apni mummy ko chodne mai beto ko kitna sukh milta hai,

agar tere jaisi khubsurat randi meri mummy hoti to mai to teri chut apne land se chod-chod ke bhosda bana deta, din rat teri gand randiyo ki tarah chodta,

manohar- lekin aaj tum yah sab achanak kyo puchhne lagi kahi rohit ne tumhari chut mai hath to nahi mar diya ya phir tumhari moti gand ko daba diya,

manju- nahi ye bat nahi hai par aaj kal maine dekha hai vah mere chutado ki taraf bahut dekhne laga hai,

manohar- tumhari jawan gand dekh kar to kisi ka bhi land khada ho jaye phir vah to tumhara beta hai uska land to apni ma ki gadrai jawani dekh kar khada hona ho hai,

udhar ajay apni bhanji sangita ke pas pahuch jata hai aur sangita apni tshirt aur skirt pahne bethi rahti hai,

mama- sangita yaha aao ab to tum kitni badi ho gai ho aur mama sangita ke galo ko chum leta hai,

sangita apne mama se chipakti hui oh mama tum kitne dino bat aaye ho ab to tumhari bhanji tumhare size ki ho gai hai,

mama- sangita ki gudaj jawani aur uske kathor doodh jo ki tshirt mai ek bada sa shap banaye huye najar aa rahe the ko dekh kar kahta hai meri rani tum to bahut jyada jawan ho gai ho aur puri apni mummy par gai ho, kuch dino mai hi tumhari ye janghe aur tumhari ye gudaj gand apni mummy jaisi hi mast phail jayegi aur phir dekhna tumhari jawani ko pine ke liye logo ka din machal jayega

sangita apne sine ko upar ki aur tan kar angdai lete huye hay mama ji pura badan tut raha hai

mama - are beti mai aaj tere badan ki har hisse mai achchi masaj kar deta hu,

dono ek dusre ko sahlate huye bato mai magan the tabhi unhe kisi ke aane ki aahat hoti hai aur sangita chupchap aankh band karke let jati hai aur mama ji darwaje ki aur dekhne lagte hai

mama- are didi abhi tak soi nahi tum

manju- ha re nind nahi aa rahi thi phir manju apni beti sangita ki aur dekhne lagi jo apne dono pero ke ghtno ko mode huye sone ki acting kar rahi thi, mummy ne dekha sangita ki mudi hui tango ke beech ka hissa saf najar aa raha tha aur uski janghe bahut chikni gori aur mast lag rahi thi aur uski panty ka wah hissa itna fula hua lag raha tha jaha sangita ki mast bina jhantho wali chut dabi hui thi,

mama ji ki najre bhi sangita ki mast panty ke upar se fully najar aa rahi chut par thi, mummy ne muskurate huye mama ji se puchha abhi soi hai kya,

mama- ha didi

manju- aur suna bhabhi aur bachche ki yaad to nahi aa rahi hai

mama- mummy ki nashili aankho mai dekhte huye apne land ko sahla kar didi teri beti sangita ko to tumne ek dam mast mal bana diya hai dekh uski gudaj bur kitni fuli lag rahi hai aur phir mama ne sangita ki dono tango ko aur bhi jyada chauda kar diya aur sangita ki gulabi chut panty ke ek side se jhankne lagi,

mummy - mama ke samne apna gudaj utha hua pet sahlate huye, uske pas jakar muskurati hui uske sar par hath pher kar, kya bat hai bete itne kyo pareshan dikh raha hai,

mama- ne apne muh ko mummy ke gudaj pet se laga diya aur apne hath ko mummy ki moti gand ke pichhe lejakar dabate huye, hay didi tumhari londiya bhi bilkul tumhari tarah chikni dikhne lagi hai mai to bahut tadap raha hu

mummy- mama ke land ko apne hantho mai tham kar, are pagle chupchap sangita ki gand se chipak kar uski chut aur bobe thode daba de vah khud hi kuch der mai uth jayegi, par ha abhi kunwari hai bade pyar se uski chut marna aur ha apni beti samajh kar hi chodna samjhe,

mama- mummy ke hontho ko chus kar didi sangita itni kasi hui mal hai phir bhi jijaji ne abhi tak apni beti ki chut nahi mari kya bat hai,

mummy- are jab se unki bahan rukmani aai hai tab se vah usko hi jyada chodte hai isliye unka dhyan nahi gaya aur phir sangita ki chut ki seal bhi to tere land se tutna likhi thi,

udhar sangita apne man mai sochti hai tum kya khak meri sil todege mai to kab ki apne bhaiya se apni chut mara chuki hu,

mama- didi aaj mai teri chikni beti ki chut fad kar rakh dunga

mummy- muskurate huye vo to tera khada land hi bata raha hai ki tu meri chikni londiya ko dekh kar kaise tadap raha hai,

mama- didi thoda sa shahad hai kya

mummy- kyo ab shahad ka kya karega

mama- didi mai jab bhi kunwari londiyo ki chut chatta hu to shahad laga kar chatne mai bada maza aata hai

mummy- bada aaya kunwari londiyo ko chodne wala tune abhi tak kisi kunwari londiya ko choda bhi hai,

mama-ab kya karu didi kabhi moka hi nahi laga

mummy- jab teri khud ki beti thodi badi ho jaye tab use chodna fir dekhna apni hi beti ki chikni chut chusne mai tujhe kitna maza aayega,

mama- didi ab tum yaha se jao nahi to mai tumhari chut mai apna land fasa dunga

mummy- jati hu baba par tere liye shahad to la du phir thodi der bad mummy shahad dekar chali gai aur mama ne darwaja band karke sangita ke pero ke pas beth gaye sangita ek dam se uth kar beth jati hai aur apne mama ka mota land pakadte huye,

sangita- mama ji aaj apni beti ko chodne walo ho kya

mama- sangita ke rasile hontho ko ek dam se apne muh mai bhar leta hai aur uski tshirt utar deta hai jab mama sangita ki kasi hui gudaj chuchiya dekhta hai to uska land jhatke marne lagta hai aur vah apni bhanji ke doodh ko paglo ki tarah masalne lagta hai,

sangita- aah mama ji bahut josh mai lag rahe ho aaj apni beti ki bur pine ka bada man kar raha hai aapka par mama ji meri randi mummy ko bhi yahi chod dete, bahut badi randi hai vo tumne to khub uski chut khol -khol ke sunghi hogi na,

mama- sangita ke doodh ke nippal mai shahad ki bunde tapka kar uske ek nippal ko kas kar apne dato se kat kar chuste huye, hay meri randi bhanji teri mummy apni gand marne ko mujhe nahi deti hai nahi to sali ki gand mar-mar kar lal kar du,

sangita- aah mama ji kitna achcha chuste ho ab sidhe meri chut mai shahad dal kar chato to maza aaye,

mama- sangita ki panty ko ek jhatke mai utar kar uski jangho ko khub kas kar phaila deta hai aur phir apni bhanji ki gulabi chut ko dekh kar usko chumte huye usme khub sara shahad lagane lagta hai aur sangita aah aah karne lagti hai,

sangita- mama ji mera dil karta hai ki koi meri mummy ko khub randi ki tarah chode, itna chode itna chode ki randi ka mut nikal de meri mummy kisi chudi hui kutiya ki tarah apni gand hilati padi rahe aur uski gand aur chut mai tagde land ghus-ghus kar use chodte rahe,

mama tab tak sangita ki bur mai shahad dal kar use chatne laga tha vah jitna sangita ki gulabi chut ko phaila kar chatta sangita utna hi si si ki aawaj nikalne lagti, mama pagal kutte ki tarah sangita ki chut ko chat raha tha aur uski chut ek dam lal ho chuki thi tabhi mama ji ne sangita ko utha kar uski jagah khud let gaye aur sangita ko utha kar uski gand ko apne muh se sata liya is tarah sangita mama ke pet mai let gai aur unke land par shahad laga kar chatne lagi, ab idhar mama sangita ki gand aur chut dono ko phaila-phaila kar chat raha tha udhar sangita apne mama ka mota land chus rahi thi,

sangita-mama ji mummy ki chut ka ras jyada achcha hai ya mera

mama- beti abhi to teri chut ke ras se achcha kuch bhi nahi lag raha hai, par ek bat bata tujhe sabse jyada chudne ka man kisse hota hai,

sangita- mama ji mujhe to papa ka land sabse achcha lagta hai, jab papa mere upar chadh kar meri mast gand thonkege tab dekhna mai apne papa ko apne bhosde mai bhar lungi,

mama- sangita ki chut ki phanko ko pichhe se puri tarah khol kar uske gulabi chhed mai apni nukili jeebh dal kar uska ras chus leta hai aur sangita apni chut mama ke muh mai daba deti hai,

mama- beti jab tere papa teri chut mai apna land pel denge tab unhe bhi apni beti ko chodne mai maza aa jayega aur phir mama ji sangita ko apne muh se utar kar uth kar beth jate hai,

aur sangita ki jangho ko phaila kar dekhte huye, uski chut ka dana sahlate huye sangita bahut khujli ho rahi hai na,

sangita- ha mama ji ab jaldi se meri chut mai land dal do aur mujhse khub gandi-gandi bate karo

mama- hairani se sangita ki aur dekhte huye beti tu bilkul apni mummy par gai hai jab teri mummy apni chut marwati hai to use bhi khub gandi bate karne ka man hota hai,

sangita apni chut ko phaila kar apni tange hawa mai utha leti hai aur mama ji apne land ko uski chut ke chhed mai laga kar ek kas kar dhakka uski phuli bur mai mar dete hai aur sangita aah mama ji mar gai aah aah

mama ji please thoda dhire dalo bahut mota land hai, tabhi mama ji sangita ki chikni jangho ko apne hanth mai daboch kar dusra dhakka kas kar dete hai aur unka pura land sangita ki chut mai fit ho jata hai au sangita oh oh mama mar dala re kutte kitna tej dhakka mar diya,

mama ji bas meri rani bas ab bahut dhire-dhire tujhe chodunga aur mama ji apne land ko sangita ki bur mai pelne lage, sangita apni gand utha kar mama ke land mai dabane lagi aur jaldi hi sangita ki chut bahut chikni hokar apne mama ka land lene lagi,

mama ji sangita ke rasile hontho ko chuste huye uski kasi hui chuchiyo ko daba-daba kar uski bur mai gahrai tak land pelne lagte hai,

sangita-aah aah oh mama ji kitna mast land hai tera, bahut badhiya chod rahe ho mama ji

mama- beti bas aaj aise hi rat bhar teri chut ko tera mama chodega bas tu aaram se apni jangho ko phailaye raho,

sangita- aah achcha mama ji aadmiyo ko sabse jyada kiski chut marne mai maza aata hai

mama- beti kisi bhi aadmi ko sabse jyada maza uski khud ki mummy ko chodne mai aata hai, ma ko apne bete ka land lene ka bada man karta hai aur apne bete ke land ko soch-soch kar khub apni chut marwati hai,

aur ek bap ko apni kunwari beti ko chodne mai bada maza aata hai, aur agar beti shadishuda hoti hai to bap ko apni beti ko chodne mai aur bhi maza aata hai,

sangita- aah aah matlab jab meri shadi ho jayegi to papa aur bhi mast tarike se mujhe chodne ke liye tadap uthege,

kramashah......................