चुदाई का सिलसिला

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rajaarkey
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Re: चुदाई का सिलसिला

Unread post by rajaarkey » 14 Dec 2014 10:48

चुदाई का सिलसिला पार्ट-४

शास और ज़ोर से सीमा से चिपकता चला गया..........जैसे उसका पूरा शरीर ही सीमा की चूत मैं समाता चला जा रहा हो.......एक अशीम आनंद के साथ...........सूनी (ज़ीरो) तक..........शास का लंड अभी भी सीमा की चूत मैं ही फँसा था......करीब 10 मिन्यूट्स तक दोनो......इसी तरह से एक दूसरे को भिचे.....पड़े रहे........

सीमा...मेरे भाई आज तो तुमने चुदाई का वो आनंद दिया.....जो मैं कभी नही भूल पावंगी.....तुमने तो वो चुदाई की ...जो बड़े-बड़े चोदु भी नही कर पाते है.....आज एक मुद्दत के बाद चुदाई का जो सुख मिला हैं....मज़ा आ गया...................

शास...दीदी मैने भी आज पहेली बार स्वर्ग की सैर की है.....मैं तो पूरा ही तुम्हारी चूत मैं चला गया था......

सीमा...मुस्कुराते हुवे...तुम्हारा तो लंड ही झेलना भारी पड़ गया था.......

कुछ देर के बाद शास ने लंड को बाहर निकाला...दो- चार बूँद चूत का पानी (लेस्श) और गम मिलाजुला चूत से बाहर निकल आया.....

शास... आपकी चूत से खून नही निकला....क्या आपकी सील नही टूटी है क्या??????

सीमा...तुम्हे कैसे पता कि सील टूटने से खून निकलता है....????????

शास...संतोष बूवा की चूत से निकला था....बूवा ने ही बताया था.....लकिन उन्होने किसी को बताने से मना किया था....

सीमा...शास मैं किसी थोड़े ही हूँ मैं तो तुम्हारी दीदी हूँ....

शास...दीदी आपकी चूत से खून क्यों नही निकला है.....क्या आपकी सील नही टूटी है दीदी???

सीमा...तुम्हारा लंड तो कई सील एक साथ तोड़ दे.....मैरी सील पहले ही टूट चुकी थी....फिर भी इतना दर्द हुवा...अगर आज सील टूटती तो मैं तो मर ही जाती....

शास...पहले किसने तोड़ी थी दीदी.....??????????

सीमा... मेरे एक सर थे....उन्होने.....

थोड़ी देर बाद सीमा ने शास के लंड को देखा.....गुलाबी..गुलाबी रॅशीला सूपड़ा....और बड़े ही प्यार से फिर चूसने लगी....सीमा ने शास को बताया कि आज तो उसकी भी सील टूट चुकी है.......

शास...मेरे तो खून नही निकला दीदी...????????????

सीमा....लड़को को खून नही...वीर्या(गुम) निकलता है...जो तुम्हे आज पहली बार थोडा ही निकला है............

उस रात सीमा और शास ने फिर दो बार चुदाई का आनंद लिया और रात के पिछले पहर मस्त होकर सो गये.......

सुभह के 8 बजे रहे थे...शास मस्त होकर सो रहा था....सीमा अपनी सहेलियो के साथ नीचे हॉल मैं हंस हंस कर कुछ आनंदित बाते कर रही थी....उनमें कुछ सीमा की खास सहेलिया भी थी....शादी की बातें...साजन की बातें....मस्ती का आलम था...वहाँ.....तभी..सीमा की बूवा आई...सीमा तुम जल्दी से तय्यार हो जाओ तुम्हे महेन्दि और श्रन्गार करवाने के लिए जाना है.....सीमा पूजा के साथ अंदर के रूम मैं चली गयी.....बाकी लड़कियाँ वही पर आपेस मैं बाते करती रही....

पूजा...आज तो बड़ी मस्ती मैं हो...????????????

सीमा...तुम्हे ऐसा कयूं लगा.....?????

पूजा...इतनी मस्ती मैं तो तुम कभी बात नही करती थी....आज तो रंग बदला...नज़र आ रहा है.....कोई खास बात है क्या......?????????

सीमा...तुमने पूजा मुझ से कभी कोई बात नही छुपाई, एसलिए मैं कैसे छुपा सकती हूँ.???

पूजा... तो फिर बता ना क्या बात है...?????क्या ससुराल जाने को खुश हो रही है...?????...जीजा जी के साथ सुहग्रात मनाने के विचारो मैं खुश हो रही हो..???

सीमा...आरी नही पूजा....”सुहग्रात” तो मैने रात ही मना ली ....और सीमा ज़ोर से हंस पड़ी.......और पूजा की तरफ..मस्त निगाहो से देखा..???????

पूजा...सीमा..क्या???????????? क्या बोल रही हो...??? कुछ पता भी है..?????????

सीमा...है यार सच कह रही हूँ.......रात बड़ी मस्त थी.......तीन-तीन बार सुहग्रात मनाई , बस पूजा पूछो मत....कया मस्त सुहग्रात थी...........रात भर आँखे खुली ही नही...

पूजा...क्या सपने मैं (इन दा ड्रीम)......???????????

सीमा...नही पूजा, हक़ीकत मैं...

पूजा....मज़ाक कर रही हो....???

सीमा...नही पूजा ...मेरा यकीन कर... रात मैं तीन बार....वो मस्त चुदाई हुई की जीवन भर याद रहेगी.............चुदाई मैं हमेशा लड़की की सील टूटती है...पर रात मैं मैने एक लड़के की सील तोड़ दी...??????????

पूजा...सीमा मेरी कुछ समझ मैं नही आ रहा है...तुम क्या कह रही हो.....साफ_साफ बताओ ना क्या हुवा.....???????????? ( पूजा बड़े ही असचर्या से सीमा को देख रही थी....लॅकिन सीमा के गालो पर गुलाबी पन देखकर और आँखो की चमक बता रही थी कि कुछ तो है....पूजा कुछ समझ ही नही पा रही थी...कया कोई लड़की शादी से पहले ही रात मैं ऐसी सुहग्रात मना सकती है.??????? उसका अस्चर्ये बढ़ता जा रहा था....)

सीमा... आरे साफ..साफ ही तो बता रही हूँ कि रात मैं मैने सुहग्रात बड़े ही मस्त होकर मनाई है....क्या मैने कभी तुमसे झूट बोला है..?????????

पूजा...मुझे याकीन नही हो रहा है....कौन था वो....????????

सीमा.... बतया ना मैने ही उसकी सील तोड़ी है....

पूजा...कौन है वो...........?????????

सीमा... शास.....मेरी बुआजी का लड़का....अभी कम उमर है...मगर ..उसका लंड क्या मस्त है...देखा लेगी तो खाए बिना नही रह पाएगी..........

पूजा...क्या???????????????????

सीमा ... हाय पूजा सच कह रही हूँ....( एक बार तुमने बताया था ना कि रात मैं तुमने अपने मम्मी-पापा की चुदाई की बाते सुनी हैं...तुम्हारे पापा का लंड गधे के लंड की तरह बड़ा है.....बस शास का लंड भी ऐसा ही है.......मेरी जान....कयूं परेशान है...मिलवा दूँगी....जीवन मैं...शास के सिवाय कोई और याद ही नही आएगा....)

पूजा...सच कह रही हो.....????????????

सीमा....हाँ यार....कया मैने आज तक कभी तुमसे कुछ भी झूट बोला है.....और देख शास उप्पेर के रूम मैं सो रहा होगा...रातभर तो मैने उसे सोने नही दिया...मैं तो ब्य्टिपार्लर मैं जा रही हूँ...तुम ज़रा जाकर उसे जगा देना ...और मेरे आने तक उसका ध्यान....तुम्हे ही रखना है....समझ रही हो ना मेरी बन्नो........????????

पूजा...मैं कैसे ध्यान रखूँगी..???

सीमा...मैने सब कुछ सच बता दिया ना... वो मेरा खास हो गया है....मेरा खास भाई. शास....क्या तुम मेरे खास भाई का ध्यान भी नही रख सकती....कया तुम मेरी इतनी से भी बात नही मनोगी...?????????

पूजा...ये तुम क्या कह रही हो सीमा...मैने आज तक तुम्हारी कोन सी बात गिराई है....

सीमा...तो फिर शास का ध्यान रखना....मैं ब्य्टिपार्लर जा रही हूँ....वो उप्पेर के रूम मैं सो रहा है...........

कुछ देर के बाद सीमा अपनी बूवा और बड़ी बेहन के साथ ब्य्टिपार्लर मैं चली गई... और पूजा घर पर बैठी सोच रही थी...कि अब उसे क्या करना चाहिए...सीमा तो शास की ज़िम्मेदारी उस पर छोड़ गयी है............

पूजा बैठी सोच रही थी अब वो कया करे.... उसे कया करना चाहिए....इसी उधेड़..बुन मैं पूजा.....फिर सीमा की बात सुनाई दी .... पूजा....”सुहग्रात” तो मैने रात ही मना ली .... रात मैं तीन बार सुहग्रात मनाई है ... .....”.रात बड़ी मस्त थी.......तीन-तीन बार सुहग्रात मनाई , बस पूजा पूछो मत....कया मस्त सुहग्रात थी...........रात भर आँखे खुली ही नही.”.... ..”उसका लंड कया मस्त है...देख लेगी तो खाए बिना नही रह पाएगी”.......... और उसके बाद तुम्हे शास के अलावा कोई और याद ही नही आएगा... ..” एक बार तुमने बताया था ना की रात मैं तुमने अपने मम्मी-पापा की चुदाई की बाते सुनी हैं..

पूजा उठ खड़ी हुई....उसके कदम धीरे धीरे सीढ़ियो (स्टेप्स) की और बढ़ने लगे.....पूजा....अभी...भी...शून्य...(ज़ीरो)... मैं फँसी थी.....कदम धीरे धीरे बढ़ रहे थे.....और...पूजा...ने पैर सीडीयो पर रख..दिया....

पूजा...कभी..सीमा, कभी..शास...के बारे मैं ही सोच रही थी...”बड़ा मस्त लंड है शास का”.....एक बार देखलोगि तो खाए बिना नही रह पावगी.....पूजा हल्के से मुस्कुरा दी....उसके मन मैं उत्सुकता...जाग उठी....उसके कदम थोड़ा...तेज..तेज बढ़ने लगे...शास के रूम की तरफ....शास के रूम का दरवाजा अभी भी बंद था....कुछ पल पूजा रुक गयी....अंदर शास कया कर रहा होगा....शायद अभी तक सो रहा होगा....”रातभर तो सीमा ने उसे सोने नही दिया”....तीन- तीन बार मस्त चुदाई की है....

पूजा.. ने फिर हिम्मत जुटा कर दरवाजा खोल दिया.....अंदर बेड पर शास लेता हुवा पीठ के बल सो रहा था... उसका लंड अंडरवेर मैं अभी भी तंबू बना हुवा था....

शास के इस तरह अंडरवेर मैं तंबू बने लंड पर नज़र पड़ते ही ....शरम से पूजा की आँखे नीची हो गई....उसके मन मैं घामाशान शुरू हो गया.....एक मन कह रहा था....कि पूजा वापस नीचे चलो.....दूसरे मन मैं एक जिगयसा जाग उठी थी... शास के लंड को देखने की......

पहला मन...पूजा तुम नीचे चलो...तुमने आज तक अपने कुंवारे पन की रक्षा की है...ये नारी धर्म नही है....अगर किशी को...पता चल गया तो.....मा. बाप की बदनामी अलग होगी...हमारा धर्म...इसकी एज्जाजत नही देता...चल पूजा चल...नीचे चल....औरत के पास एक ही दौलत होती है उसके सतित्व अगर....वो ही चली जाए तो रह कया जाएगा.....आज तक कितने ही लड़को ने तुम पर नज़र रखी पर तुमने नज़र उठाकर नही देखा.....एक ही झटके मैं अपना कया सब कुछ लूटा दोगि...???????????चल चल नीचे चल पूजा...चल..!!!!!!!!!! पूजा के कदम नीचे चलने के लिए जैसे ही मुड़े............

दूसरा मन चीख उठा....नही ... पूजा ...नही रुक जाओ....सीमा ने कितने विस्वास के साथ तुम पर शास की ज़िम्मेदारी डाली है......कया सीमा के विस्वास को तोड़ दोगि....सीमा की तुम सबसे प्यारी सहेली हू....एक ही पल मैं उसके विस्वास को....यूँ ही तोड़ दोगि....कितनी ही लड़कियों से पूजा की दोस्ती है....पर उसने शास की ज़िम्मेदारी....तुम पर ही कयूं डाली...?????? सोचो...पूजा...ज़रा....सोचो...कितना भरोसा है तुम पर सीमा को.....उसने कोई भी बात कया....तुमसे छुपाई.....और तुम......?????????????

नही पूजा मत बहको..... चलो नीचे....कया आपनी निगाहो से नही गिर जाओगी???? इसी लिए कहता हूँ चलो नीचे जाओ....पूजा नीचे जाओ....

रुक जाओ पूजा...तुम सीमा के विस्वास को ऐसे...नही तोड़ सकती....फिर इसमे बुराई ही कया है......कया ये परकृति का नियम नही है....कि नर मादा की तरफ...अओर मादा नर की तरफ....आकर्षित होते ही है....इसमे ....बुरा कया है....सीमा मेरी सबसे प्यारी सहेली...क्या मैं उसका विस्वास तोड़ दूं...............????????????

धीरे धीरे पूजा पेर दूसरा मान हावी हूता गया...और ...पूजा के कदम शास...के बेड...की अओर बढ़ने लगे....पूजा की आँखे शास के तने हुवे लंड पर जमी थी....आँखो...ही...आँखो...मैं..पूजा शास के लंड की लंबाई...अओर मोटाई नाप रही थी....कड़ें बढ़ रहे थे....शास के बेड की अओर..........

चलते चलते एक बार फिर पूजा के कदम ठहेर गये....तुम कया कहोगी...शास ..से..??? क्या..बात करोगी...कया कहोगी????? तुम तो पूजा पहले मिली भी नही हो शास से...???? लॅकिन पूजा की नज़रें अभी भी शास के बॅमबू बने हुवे लंड पर ही थी...अनेक ख़याल आ .. जा...रहे थे.... इसी कस्मकस मैं पूजा ने आपनी चूत मैं गीलापन महसूस किया... लॅकिन पूजा का अन्तेर्मन...अभी भी उसे चेतावेनी दे रहा था....पूजा ये पाप है....तू कया करने जा रही है शास के पास चल नीचे अभी भी समेय है....लॅकिन पूजा पर अब शायद ही इस सब का असर होने वाला था.....उसकी साँसे तेज तेज चलने लगी थी...चूत मैं कुछ..कुछ होने लगा था सामने था शास का तना हुवा...बॅमबू बना हुवा लंड.....और पूजा की आँखे स्थिर थी उसी पर.....पाप और पुण्य के उप्पेर अब वासना हावी होने लगी थी... पूजा खड़ी थी निहार रही थी शास के लंड को....जो कुछ ही कदम दूर था पूजा से....बस ...एक..दो कदम...की...दूरी...पर...पूजा का दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा था...

पूजा ने आँखे बंद कर ली...उसकी आँखूं के सामने शास का भारी..भरकम लंड घूमने लगा...फिर पूजा ने एकदम से आँखे खोल दी...शास सो रहा था...पूजा ने धीरे धीरे कदम आगे को बढ़ाए....और शास के बेड के पास खड़ी हो गई...पूजा से रूकना अब लगभग मुस्किल हो चला था....उसके हाथ काफ़ी कस्म्कस के साथ आगे बढ़ने लगे शास के लंड की तरफ.....लंड के ओर पास ओर पास...और पूजा ने धीरे से शास के लंड को अंडरवेर से आज़ाद कर दिया......पूजा की आँखे...एक टक..निहार रही थी...शास के लंड को....आआहह....उउउउउम्म्म्म्म कया लंड पाया है शास ने.......

rajaarkey
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Re: चुदाई का सिलसिला

Unread post by rajaarkey » 14 Dec 2014 10:48

चुदाई का सिलसिला पार्ट-5

पूजा निहारती ही रह गयी...शास के लंड को.....आज पूजा ने पहली बार किसी लंड को देखा था....शिरफ़ सुना था लंड के बारे मैं आपनी सहेलियों से....पर आज....सामने था शास का मोटा, लंबा...तना हुवा लंड....जिसका मोटा गुलाबी सूपड़ा....आकृषित कर रहा था...पूजा को...पूजा समझ नही पा रही थी कि वो शुरुआत कैसे करे.....उसकी बैचानी...बढ़ती जा रही थी.....आज तक उसने जो सुख नही भोगा था.....वो उसे अब भोगने के लिए पूरी तरह से तय्यार हो चुकी थी....लकिन सुरू कैसे करे....?????????????

आख़िर पूजा ने थोड़ा ठंडा करके आराम से खाने मैं ही बुद्धिमानी समझी...जल्दिबाजी मैं मामला बिगड़ भी सकता है ??? अओर मज़ा भी नही आएगा....पूजा ने सोते हुवे शास के भारी लंड पर अपने नाज़ुक हाथ की हल्की सी थपकी दी....शास का तना हुवा लंड स्प्रिंग की तरह फिर खड़ा ही रहा....पूजा ने का बार धीरे धीरे शास के लंड पर थपकी दी....लॅकिन शास तो मस्त होकर सो रहा था....पूजा ने अपने हाथ मैं लंड को पकड़ लिया...लॅकिन वो पूरा उसके हाथ मैं नही आ रहा था....फिर भी पूजा ने लंड को पकड़ कर ज़ोर से हिलाना शुरू कर दिया.....

शास...अचानक हड़बड़ा कर उठा गया....सामने एक लड़की को देख कर...वो कुछ समझ नही पाया की कया करे....तभी उसकी नज़र अपने अंडरवेर से बाहर निकले, तने हुवे लंड पर गयी.....शास ने शर्मकार.. जल्दी से उसे अंडरवेर मैं डालने की कोशिश की पर जल्द-बाज़ी मैं मस्त तना हुवा मोटा लंड अंडरवेर मैं नही जा पा रहा था...

पूजा...हंस पड़ी अओर अपने हाथ मैं शास के लंड को पकड़ लिया..लो मैं डालती हूँ तुम्हारे अंडरवेर मैं... .. शास कुछ बोल नही पा रहा था....पूजा शास के लंड को अंडरवेर मैं डालने की कोशिस कर रही थी....पर वो टाइट होने के कारण दूसरे शर्म अओर जल्दिबाजी के कारण वन्डरवेार मैं नही जा पा रहा था....

पूजा...ऐसे तो नही जाएगा...तुम कहो तो शास मैं इसे चूम कर ढीला कर दूं..????????

शास... शास ने पूजा की तरफ...देखा...पर कुछ बोल नही पाया.....

पूजा...कया हूवा शास...बताओ...कयूं शर्मा रहे हू, मैं सीमा की दोस्त हूँ,उसके साथ तो रात मैं तीन बार चुदाई कर चुके हो अओर अब शर्मा रहे हो..?????

शास...शास ने गौर से पूजा की तरफ देखा..(.अब वो सब समझने लगा था.... वह जान चुक्का था की सीमा दीदी ने पूजा को सब कुछ बता दिया है..) अओर धीरे से मुस्कुरा दिया......

पूजा...पूजा ने शास के लंड के सूपदे को आपने होंठो मैं दबा...लिया और आँखे उठाकर शास की अओर देखा.....शास मंद मंद मुस्कुरा दिया.......पूजा शास के लंड को मस्त होकर चूमने लगी... वह शर्म लिहाज सब भूल चुकी थी...वह भूल चुकी थी कि एक मिनुट पहले तक शास उसके लिए...अओर वो शास के लिए अंजान थी.....पूजा शास के लंड को आइस क्रीम की तरह चूम अओर चाट रही थी............शास का लंड फूल कर अओर कुप्पा होता जा रहा था....शास सोच रहा थे कि शायेद एक अओर चूत उसके लंड का इंतजार कर रही है....उसके लंड को भी अब चुतो का रास पीने मैं मज़ा जो आने लगा था.........

दोस्तों...ये तो समय-समय की बात है.... समय कब बदल जाए....कैसा हो...अच्छा...या फिर बूरा....या फिर समय हमें ही अपनी इच्छा अनुसार बदल देता है.....जो पूजा विवेकशील थी.....शर्मिल्ली अओर समझदार थी.....जिसपेर उसके परिवार वाले, मुहल्ले वाले नाज़ करते थे....जिसका उदाहरण दिया करते थे.....जिसने कभी भी लड़को की तरफ आँख उठाकर नही देखा....जिसपेर लड़को ने कितने ही कॉमेंट्स कसे....पर पूजा........पर पूजा ने कभी...इस प्रकार का उत्तर या प्रितिउत्तर नही दिया....जो उसके करेक्टर और शालीनता को ठेस पहुचाता हो....जो मर्यादा के विरुद्ध हो.....

वही पूजा....?????

जी हां वही पूजा जिसने अपने कोमार्य को हर परिस्थिति मैं संभाल कर रखखा था...अपनी शादी के बाद अपने पति को अपने परमेश्वर को सुहाग..शेज़ पेर अर्पित करने के लिए....अपने बलम पर न्योछावेर करने के लिए....मगर समय की चाल... देखिए....वाह रे समय...एक ही पल मैं सबकुछ यून बदल डाला जैसे पूजा का कोई चरित्र ही ना हो.....जी हा......आज वही धर्म का पालन करने वाली पूजा......??????????????????

बड़े ही तन्मयता से शास के लंड को चूस रही थी....सब कुछ भूल कर....चुसती ही जा रही थी जैसे आज ही पूरे लंड को निचोड़ लेना चाहती हो.....लंड का गुलाबी फूला हुवा सूपड़ा.....बार बार बीच बीच मैं...पूजा देखा भी लेती थी.....अओर फिर और ज़्यादा लगान से चूसने लगती थी......

नीचे घर-परिवार वाले व्यस्त थे शादी के काम अओर तय्यारी मैं भाग दौड़ मैं....अओर यहाँ पूजा मस्त थी....शास के लंड को पूरा निचोड़ लेने के लिए.... अओर शास मस्त था....एक अओर चुदाई का मज़ा लेने के लिए......

पूजा... बड़ी ही सुन्दर....मानो हाथ लगाने भर से मैली हो जाए....छूने से मुरझा जाए......नैन-नख्स ऐसे कि....महाराज देवराज इंद्रा जी का भी सिघाशन डोल जाए......सुरहिदार गर्देन...बाए गाल के नीचे एक क़ाला तिल....बड़े-बड़े मगर सुडोल बूब्स....कमर मानो है ही नही.... छाती अओर चूतड़ो (हिपपेस) का लगभग एक साइज़... बस यूँ कहूँ कि एक गुड्डिया...या ..अपशरा तो भी...अतिस्योक्ति नही होगा.....जिसको देखकर लड़के आह भरते थे ... व ... लड़किया जिसके हूस्न से रस्क करती थी वही पूजा तय्यार थी शास पर कुर्बान हो जाने के लिए........शास के लंड का मानो साइज़ बढ़ता ही जा रहा था....ये उमर....अओर...इतना भारी लंड....

पूजा...लंड को चूसने मैं मस्त थी...उसे नही पता था कि वह पिछले 25-30 मिनुट से व्यस्त थी लंड चूसने मैं.....उधर शास....उउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म...खिचाव बढ़ रहा था पूरे बदन मैं...एक बिजली से दौड़ रही थी....रोक नही पा रहा था शास.....

तभी..शास ने पूजा का हाथ पकड़ कर अपनी अओर खिच लिया....पूजा सिमट ती सी चली गयी....शास ने अपने गरम गुलाबी होंठ पूजा के गरम गुलाबी...नाज़ुक...होंठो पर रखा दिए....शास होंठो को चूस रहा था ...मानो...सुगंधित रसीला हनी टपाक रहा हो पूजा के होंठो से..... पूजा अओर शास की जीभ-से-जीभ टकराई....दोनो मस्ती मैं चूर....एकदुसरे को बाहों मैं जकड़े हुवे....पूजा की गर्म साँसे शास महसूस कर रहा था....

शास...शास ने अपने हाथ पूजा के बूब्स पर रखा दिए....अओर मसलना ...सहलाना शुरू कर दिया.....पूजा...अपना होश खोती जा रही थी.....उसकी कुँवारी चूत से पानी के फ़ॉववरे छूटने लगे थे...वासना की बिजली उस पर गिर चुकी थी....मस्ती के इस आलम मैं पूजा के आँखें बार-बार बंद हो जाने लगी.... शास ने एक हाथ बूब्स से हटाया अओर पूजा का कुर्ता उप्पेर कर शलवार के उप्पेर से ही पूजा की चूत को सहलाने लगा......

दोनो...आपेस मैं होंठ चूस रहे थे पी रहे थे जीभ से जीभ टकरा रही थी...फिर शास ने पूजा की जीभ पूरी अपने मूह मैं लेकर चूसने लगा.....पूजा की उत्तेजना बढ़ती जा रही थी......शायद वो उस मौज़ के दरिया मैं पूरी तरह डूबने के लिए अपने को तय्यार कर चुकी थी.........शास पूजा की चूत को सहलाता जा रहा था......चूत...मस्त होकर खुलने-बंद होने लगी थी.....अब बारी पूरी चुदाई की शुरू होनी थी.......

शास ने पूजा की शलवार का नाडा (जरबंद)(बाँध) खोलदिया........पूजा ने एक ना के बराबर हाथ से विरोध किया.......शायद वो पूजा की शर्म जो औरत का गहना होती है के कारण ही हुवा.....शास ने पूजा की शलवार थोड़ा नीचे खिसका दिया.....अओर पूजा की पेंटी को भी नीचे खिसका दिया अओर शास पूजा की चूत पर सीधे सहलाने लगा......अब शास की एक उंगली..पूजा की चूत की क्लिट को सहला रही थी...अओर फिशल कर पूजा की चूत मैं कुछ दूर तक चली गई....पूजा की सिसकारी निकल गई....ईयीयियूयूवूऊवूऊवम्म्म आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सूऊऊऊऊऔउउउउउउउउम्म्म्म एम्म्म मगर शास का हाथ अपने काम मैं लगा रहा........अब शास की उंगली चूत मैं अंदर बाहर हो रही थी...चूत की क्लिट पर हथेली अओर अंगूठे के उभार से मालिश हो रही थी......पूजा डूबती जा रही थी......आँखे बंद थी....पूरे बदन मैं तरेंगे दौड़ रही थी......एक आज्जीब सूखा का एहसास.....पहली चुदाई का एहसास.......फिर शास ने पूजा के चुटटर थोडा उप्पेर उठाए...पूजा ने भी हल्का सहयोग किया......अओर शास ने शलवार और पेंटी को पूजा के बदन से पूरी तरह से अलग कर दिया.....क्या जांघे थी....मांसल पर सॉलिड जंघे....शास का हाथ अनायास ही जाँघो पर घूमने लगा.... कुछ देर के बाद शास ने पूजा का कुर्ता भी उसके शरीर से अलग कर दिया......पूजा अब शिरफ़ एक ब्रा मैं थी.... ...उसकी चूत पर घने भूरे-काले बाल अब शास को भी उत्तेजित करने लगे थे.....पूजा पर शास का आख़िरी हमला अओर शास ने पूजा की ब्रा का हुक पीछे से खोल दिया....??????? बड़ी_बड़ी...चुचियाँ.....छोटे-छोटे निपल ने शास के होठों को अपनी ओर खिचा लिया......शास ने पूजा की निपल मूह मैं भर्ली...अओर मस्त होकर दबा कर, मसल कर पीने लगा...बीच बीच मैं पूजा की हल्की-तेज सिसकारिया निकल रही थी......शास कभी-कभी पूरा मूह खोल कर ज़्यादा से ज़्यादा चूची को मूह मैं भर कर पी रहा था...........अओर पूजा की सिसकारियाँ रूम मैं एक कामुक उत्तेजना उत्पन्न कर रही थीईईईईईईईईईई.......................... ...

पूजा की उत्तेजना चरम पर पहुच रही थी...उसके लिए अब एक एक पल रुकना मुस्किल होता जा रहा था.......अब तो बस

शास अपना लंड....उसकी चूत मैं डाल दे....मगर शास अभी अओर मस्ती से उस खूबशुर्ती की देवी पूजा को हर

जगेह से चूमना

चाटना चाहता था......अभी इस खूबसूरत जिस्म से अओर मस्ती करना चाहता था......पूजा की चुचियो को कस कर

पकड़ कर

शास अब उसकी मांसल...सौलिद जाँघो को चूम रहा था......पूजा की चूत के खुलते बंद होते होंठ....अओर....उसकी

केशर जैसी महक शास को अपनी अओर आकर्षित कर रही थी.......और...शास के होंठ धीरे धीरे पूजा की चूत के

होंठ चूमने चाटने लगे......पूजा की कामुक सिसकारिया बढ़ती जा रही थी......पूजा के हाथ कभी शास के सिर पर

अओर कभी शास के कंधो

पर अपनी पकड़ बना रहे थे.......लॅकिन अब पूजा के सब्र का बाँध टूट ता जा रहा था......स्शस प्लीज़ .....अओर मत

तद्फाओ......डाल दो अपना ये मस्त लंड मेरी चूत मैं....उउउउउईईईआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह...प्लीज़ शास.....चोद डालो

इस कुँवारी चूत को....मगर शास...मस्ती मैं चूत की केशरी सुगंध.....सुघने...अओर चूत का स्वदिस्त (डेलीशियस)

मदंजल पीने मैं मस्त था......उसके हाथ पूजा की चुचियो को मसल- मसल कर खेल रहे थे अओर उसकी जिभा.....

.चूत की क्लिट को चाट _चाट कर उसकी.....चूत का बहता..पानी पीने का आनंद ले रही थी.......पूजा की बैचानी.......पूजा की

उत्तेजना अब विकराल हो रही थी.....

पूजा... शास प्लीज़ अब अओर मत तरसाओ...डालडो....इस अपने लंड को मेरी चूत मैं......बुझा दो अब इसकी आग....कब से

प्यासी है....तुम्हारे इस लंड के एंतजार मैं.....मेरे राजा...मएरए ज्जानू, मेरे साजन.......मेरी जनम जनम की प्यास

बुझा दो.......सस्शाआससस्स.........प्लीज़......अब घुसा दो..... चूत मैं आग लगी है बुझा दो ना अपने लंड के पानी से.......उउउउउम्म्म्म्म्माआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउcccccछ्ह्ह्ह्ह्ह आआआआहह पूजा बड़बड़ाती जा रही थी..

.अओर शास चूत मैं दूर तक मूह दिए कस्तूरी की गंध का पानी पीने मैं मस्त था........पूजा के टाँगो की चौड़ाई

बढ़ती ही जा रही थी......अब शास पूरी तरह मस्त हो चुक्का था......

शास....पूजा मेरी जान, मेरी रानी ले इसे भी ले...कया याद करेगी.......ले इस लंड का भी मज़ा ले........ये भी तुम्हारी इस गुलाबी.....कुँवारी चूत का रस पीने को फूँकार रहा है..... शास पूजा के दोनो पैरो के बीचा आया अओर दोनो टाँगो

को उठा कर अपने कंधो पर रख लिया..........पूजा की चूत पानी छोड़ छोड़ कर इतनी चिकनी ( लूब्रिकेटेड) हो चुकी ,

थी कि अब उसे चुदाई के लिए किसी क्रीम या आयिल की ज़रूरत नही रह गयी थी........

शास...ने अपने लंड का भारी सूपड़ा पूजा की चूत के छेद पर अड्जस्ट किया अओर पूजा की दोनो चुचियाँ पकड़ कर,

लंड का चूत पर दबाव बनाया ! .... पर चूत कुँवारी होने के कारन अत्यधिक टाइट थी इसीलिए लंड अंदर नही जा पाया.....

मगर शास तो शायद इसके लिए पहले से ही तय्यार था.......पूजा की सिसकारियो के बीच....शास ने पूजा के होंठो को

अपने होंठो मैं दबा लिया, अओर चूतड़ उठाकर एक धक्का मार दिया !......लंड के सूपड़ा. ... ने....चूत की दीवारे

फाडते हुवे पूजा की चूत मैं अपनी जगह बना ली..... पूजा की जोरदार चीखा निकल गयी......अगर शास ने पूजा के

होंठो को अपने होंठो मैं ना दबाया होता तो चीख की आवाज़ नीचे ज़रूर चली जाती.....ओओओओओओओओओओओओओओओओओओओओओओओओओओओओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउऊऊऊऊऊओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

हूऊऊऊऊऊऊन्न्‍ननननननननननणणन् मगर शास लगता है अब चुदाई मैं इतना निपुण हो चुक्का था,.

..कि....बिना ओर समय अओर मौका गँवाए उसी पल दूसरा और जोरदार धक्का मार चुक्का था........पूजा चीखती रही,...

छटपटाती रही,.......उसकी आँखों से आँसुओ की धारा बहती रही......पर शास की पकड़ बिल्कुल ढीली नही पड़ी .....

अओर होंठो मैं होंठ दबाए चूमता रहा........शास का लंड पूजा की चूत को फड़ता हुवे लगभग

आधा लंड पूजा की चूत मैं समा चुक्का था.......

शास...मस्ती मैं चुदाई का मज़ा ले रहा था.....अओर पूजा दर्द से मरी जा रही थी......

पूजा...शास प्लीज़ एक बार निकाल लो....प्लीज़ मैं मरी जा रही हूँ....दुबारा डाल लेना.....पूजा से दर्द सहेन नही हो पा रहा था.....जैसे किसी ने ब्लेड से चीर दी हो उसकी चूत......पूजा पछता रही थी..... लंड खाने के चक्कर मैं पड़कर उसे नही पता था.....ये दर्द भी झेलना पड़ सकता है..... उसने तो शिरफ़ चुदाई के मज़े के बारे मैं ही सुना था......चूत की मीठी मीठी खुजली का एहसास ही किया था.......शास के पहली बार स्पेर्श का आनंद ही लिया था......चुदाई के एक मीठे एहसास ने पूजा को यहाँ तक पहुचा दिया था.....पूजा की इस छटपटाहट का शास पर कोई अशर नही था.....उसका लंड तो कुँवारी चूत का रस पीकेर अओर मस्त अओर मोटा हो रहा था......वो तो चूत के अंदर मस्त होकेर झटके मार रहा था.......लंड की अकड़ बता रही थी की उसने चूत पर विजय हाशील कर ली है......शास ने लंड की अकड़ को भाप कर पूजा पर अपनी पकड़ अओर मजबूत की.......होंठो को मूह मैं लिया..... अओर एक ओर जोरदार धक्का लगा दिया....पूजा अभी इसके लिए अपने को तय्यार भी नही कर पाई थी......उसकी चीख शास के मूह मैं ही समा गयी........उसकी छटपटाहट....शास की मजबूत बाँहो मैं दब कर रह गयी........पूजा की चुचिया शास की छाती के नीचे मसली जा रही थी.......अओर शास के लंड ने पूजा की चूत के पूरी गहराई को नाप लिया था......लंड का सूपड़ा....पूजा की बच्चेदानि को छू रहा था.......पूजा छटपटा रही थी...आँखो से पानी बह रहा था......अओर शास उसके होंठो का रस पीने मैं मस्त था.....इसी तरह लगभत 10-15 मिनूट गुजर गयी......अब पूजा का दर्द कुछ कम हो रहा था.....उसकी उखड़ी साँसे फिर गरम होने लगी थी......शास की बाँहो की पकड़ भी कुछ ढीली पड़ने लगी थी......पूजा की दर्दीली चीखे अब सिसकारियों मैं बदलने लगी थी......उउउउउउउईईईईएम्म्म्म्म्म्म आआआअहह सस्स्स्स्स्स्स्शहाआआआसस्स्स्स्स्सस्स म्‍म्म्ममाआअरर्र्र्ररर हहिईिइ द्द्द्दाआआल्ल्ल्ल्लाआआआआ.....आआआआआहह हह...........

अब शास का मूह पूजा के होंठो को छोड़ कर पूजा की चुचियो पर आ चुक्का था.....वह मस्ती मैं चुचिया मसल मसल कर दूध पी रहा था.........पूजा के शरीर से खेल रहा था.....पूजा का दर्द मीठी उत्तेजना मैं बदलने लगा था.....अओर अब पूजा की चूत ने फिर पानी छोड़ना शुरू कर दिया.......पूजा के हाथ धीरे धीरे अब शास की कमर पर आने लगे थे........पूजा ने धीरे धीरे अपने चूतड़ हिलाने जैसे ही शुरू किए.........शास ने लंड को हल्के से अंदर बाहर करना शुरू कर दिया.....पूजा की चूत की मीठी पयास जागने लगी.......चूत कुछ ही देर पहले के दर्द को भूलकर....लंड को अपनी दीवारो मैं दबाने लगी......ये कैसा एहसास......दर्द की चीखे अब मज़े की मीठी सिसकारियो मैं बदलने लगी थी.......शास की कमर पर पूजा की बाँहो का बढ़ता कसाव.....शास को अओर उत्तेजित करने लगा.....लंड के, अंदर बाहर की रफ़्तार बढ़ने लगी थी........कमरे मैं अब पूजा की कामुक सिसकारिया गूंजने लगी थी.........आआआआआआहह उउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह शास.....मेरे शास.....अओर ज़ोर से.....आआआआआहह हा......ऐसे ही.......ऊवूऊवम्म्म्म्म आआअहह की धुन पर शास के लंड की रफ़्तार बढ़ती ही जा रही थी..........चुदाई का संगीत रूम मैं गूजने लगा था.......शास के लंड की स्पीड के साथ पूजा के चूतड़ उछालने की क्रिया भी बढ़ रही थी....अब पूजा पूरा चुदाई का मज़ा ले रही थी.........भूल चुकी थी उस दर्द को......अब तो शास के लंड को अओर अंदर तक लेने लगी थी....... जैसे ही शास के लंड का सूपड़ा अंदर जाकर बच्चेदानि पर ठोकर मारता पूजा की मीठी सिसकारी निकल जाती....उउउउउउम्म्म्म्म्म्म्माआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.......सी हट लंड का घामाशान पूजा अओर शास को सातवे आसमान की सैर करा रहा था.......पूजा की उत्तेजना अब चरम पर पहुँच चुकी थी...उसके बदन मैं अजीब सा खिचाव......सारा सरीर...आनंद की अओर........आँखे बंद होने लगी...सिसकारियाँ लंबी होने लगी......शास...आआआआहह.....उउउउउम्म्म्म्म ये मैं कहाँ जा रही हूं .................................................. ..............................................

शास.......उउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म आआहह अओर पूजा अपने पहले स्खलन (झड़ने) की अओर...... एकाएक पूजा ने शास को बाँहो मैं जाकड़ किया अओर ज़ोर से.....सस्स्शहाआअसस्सस्स उउउउम्म्म्म्म्म्माआआआ म्माऐईन गाईइईईईईईईईईईईईए..अओर उसकी चूत से गरम पानी के फ़ौवारे शास के लंड पर गिरे.....तभी शश के लंड ने भी पानी छोड़ना शुरू कर दिया......गरम-गरम वीर्या(गुम) की कई पिचकारी पूजा की चूत मैं छोड़ दी जो सीधे बच्चेदानि पर गिरी.....पूजा ने अओर ज़ोर से शास को दबोच लिया.........शास भी उउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह्हाआल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लीईईईईईईईईए की आवाज़ के साथ झाड़ गया... एक दूसरे को बाँहो मैं जकड़े.....पूजा अओर शास......लंबी साँसे.....आँखे बंद......दोनो...दूर-बहुत दूर...सातवे आसमान की सैर पर......एक दूसरे को प्यार से भिंचे हुवे..........कितने ही देर तक.....ऐसे ही.......सारी दुनिया से बेख़बर......लगभत 15 मिनूट तक ऐसे ही...एक दूसरे की बाँहो मैं........फिर लौट आए इसी दुनिया मैं.....पूजा ने शास ...के होंठ चूम लिए अओर चेहरा शास के शीने मैं छुपा लिया...

rajaarkey
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Re: चुदाई का सिलसिला

Unread post by rajaarkey » 14 Dec 2014 10:49

चुदाई का सिलसिला पार्ट-6



शास...मस्ती मैं चुदाई का मज़ा ले रहा था.....अओर पूजा दर्द से मरी जा रही थी......

पूजा...शास प्लीज़ एक बार निकाल लो....प्लीज़ मैं मरी जा रही हूँ....दुबारा डाल लेना.....पूजा से दर्द सहेन नही हो पा रहा था.....जैसे किशी ने ब्लेड से चीर दी हो उसकी चूत......पूजा पछता रही थी..... लंड खाने के चक्कर मैं पड़कर उसे नही पता था.....ये दर्द भी झेलना पड़ सकता है..... उसने तो शिरफ़ चुदाई के मज़े के बारे मैं ही सुना था......चूत की मीठी मीठी खुजली का एहसास ही किया था.......शास के पहली बार स्पेर्श का आनंद ही लिया था......चुदाई के एक मीठे एहसास ने पूजा को यहाँ तक पहुचा दिया था.....पूजा की एस छटपटाहट का शास पर कोई अशर नही था.....उसका लंड तो कुँवारी चूत का रस पीकेर अओर मस्त अओर मोटा हो रहा था......वो तो चूत के अंदर मस्त होकेर झटके मार रहा था.......लंड की अकड़ बता रही थी की उसने चूत पर विजय हाशील कर ली है......शास ने लंड की अकड़ को भाप कर पूजा पर अपनी पकड़ अओर मजबूत की.......होंठो को मूह मैं लिया..... अओर एक ओर जोरदार धक्का लगा दिया....पूजा अभी इसके लिए अपने को तय्यार भी नही कर पाई थी......उसकी चीख शास के मूह मैं ही समा गयी........उसकी छटपटाहट....शास की मजबूत बाँहो मैं दब कर रह गयी........पूजा की चुचिया शास की छाती के नीचे मसली जा रही थी.......अओर शास के लंड ने पूजा की चूत के पूरी गहराई को नाप लिया था......लंड का सूपड़ा....पूजा की बच्चेदानि को छू रहा था.......पूजा छटपटा रही थी...आँखो से पानी बह रहा था......अओर शास उसके होंठो कारस पीने मैं मस्त था.....एसी तरह लगभत 10-15 मिनूट गुजर गये......अब पूजा का दर्द कुछ कम हो रहा था.....उसकी उखड़ी साँसे फिर गरम होने लगी थी......शास की बाँहो की पकड़ भी कुछ ढीली पड़ने लगी थी......पूजा की दर्दीली चीखे अब सिसकारियों मैं बदलने लगी थी......उउउउउउउईईईईएम्म्म्म्म्म्म आआआअहह सस्स्स्स्स्स्स्शहाआआआसस्स्स्स्स्सस्स म्‍म्म्ममाआअरर्र्र्ररर ह्ह्ह्ह्हीई द्द्द्दाआआल्ल्ल्ल्लाआआआआ.....आआआआआहह हह...........

अब शास का मूह पूजा के होंठो को छोड़ कर पूजा की चुचियो पर आ चुक्का था.....वह मस्ती मैं चुचिया मसल मसल कर दूध पी रहा था.........पूजा के शेरर से खेल रहा था.....पूजा का दर्द मीठी उत्तेजना मैं बदलने लगा था.....अओर अब पूजा की चूत ने फिर पानी चोदना शुरू कर दिया.......पूजा के हाथ धीरे धीरे अब शास की कमर पर आने लगे थे........पूजा ने धीरे धीरे अपने चूतड़ हिलाने जैसे ही शुरू किए.........शास ने लंड को हल्के से अंदर बाहर करना शुरू कर दिया.....पूजा की चूत की मीठी पयास जागने लगी.......चूत कुछ ही देर पहले के दर्द को भूलकर....लंड को अपनी दीवारो मैं दबाने लगी......ये कैसा एहसास......दर्द की चीखे अब मज़े की मीठी सिसकारियो मैं बदलने लगी थी.......शास की कमर पर पूजा की बाँहो का बढ़ता कसाव.....शास को अओर उत्तेजित करने लगा.....लंड के, अंदर बाहर की रफ़्तार बढ़ने लगी थी........कमरे मैं अब पूजा की कामुक सिसकारिया गूंजने लगी थी.........आआआआआआहह उउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह शास.....मेरे शास.....अओर ज़ोर से.....आआआआआहह हा...... ही.......उउउउउम्म्म्म्म्म्म आआअहह की धुन पर शास के लंड की रफ़्तार बढ़ती ही जा रही थी..........चुदाई का संगीत रूम मैं गूजने लगा था.......शास के लंड की स्पीड के साथ पूजा के चूतड़ उछालने की क्रिया भी बढ़ रही थी....अब पूजा पूरा चुदाई का मज़ा ले रही थी.........भूल चुकी थी उस दर्द को......अब तो शास के लंड को अओर अंदर तक लेने लगी थी....... जैसे ही शास के लंड का सूपड़ा अंदर जाकर बच्चेदानी पर ठोकर मारता पूजा की मीठी सिसकारी निकल जाती....उउउउउउम्म्म्म्म्म्म्माआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.......सी चूत लंड का घामाशाण पूजा अओर शास को सातवे आसमान की सैर करा रहा था.......पूजा की उत्तेजना अब चरम पर पहुत चुकी थी...उसके बदन मैं अजीब सा खिचाव......सारा सरीर...मस्ती की अओर........आँखे बंद होने लगी.....सिसकारियाँ लंबी होने लगी......शास...आआआआहह.....उउउउउम्म्म्म्म ये मैं कहाँ जा रही हूँ .................................................. ..............................................

शास.......उउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म आआहह अओर पूजा अपने पहले स्खलन (झड़ने) की अओर...... एकाएक पूजा ने शास को बाँहो मैं जाकड़ किया अओर ज़ोर से.....सस्स्शहाआअसस्सस्स उउउउम्म्म्म्म्म्माआआआ एम्मॅयेयीन गाईइईईईईईईईईईईईए..अओर उसकी चूत से गरम पानी के फ़ौवारे शास के लंड पर गिरे.....तभी शश के लंड ने भी पानी छोड़ना शुरू कर दिया......गरम-गरम वीर्या(गुम) की कई पिचकारी पूजा की चूत मैं छोड़ दी जो सीधे बच्चेदानी पर गिरी.....पूजा ने अओर ज़ोर से शास को दबोच लिया.........शास भी उउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह्हाआल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लीईईईईईईईईए की आवाज़ के साथ झाड़ गया... एक दूसरे को बाँहो मैं जकड़े.....पूजा अओर शास......लंबी साँसे.....आँखे बंद......दोनो...दूर-बहुत दूर...सातवे आसमान की सैर पर......एक दूसरे को प्यार से भिंचे हुवे..........कितने ही देर तक.....एआसे ही.......सारी दुनिया से बेख़बर......लगभत 15 मिनूत्स तक ऐसे ही...एक दूसरे की बाँहो मैं........फिर लौटआए इसी दुनिया मैं.....पूजा ने शास ...के होंठ चूम लिए अओर चेहरा शास के सीने मैं छुपा लिया.......

शास... ने पूजा का चेहरा अपने हाथों मैं लिया अओर उप्पेर किया......अओर पूजा के होंठ चूमकर...धीरे से बोला........ पूजा तुम्हारी चूत तो बहुत ही टाइट थी....मज़ा आ गया......आज पूरे यक़ीन के साथ कह रहा हूँ आज वास्तव मैं स्वर्ग की सैर की है......आज पहली बार इतना मज़ा आया...??????????? कह नही सकता......मन करता है तुझे तो बस चोदता ही जाऊ.....शास का लंड अभी तक पूजा की टाइट चूत मैं ही फँसा हुवा था.........तुम्हे अओर तुम्हारी इस चूत को पाकर तो मैं निहाल हो गया........पूजा.!

पूजा...तो मना किसने किया है......?????

शास...कया मतलब है...????

पूजा...आपने ही तो कहा है....कि “मन करता है तुझे तो बस चोदता ही जाउ.” ..?????

शास...तो फिर...??????

पूजा...मैने कब मना किया है मेरे राजा जी.....पूजा ने कामुक मुस्कुराहट के साथ कहा.....उसकी आँखूं मैं चमक सी आ गयी थी.....

शास...तो मैं कब अभी रुका हूँ...??? लंड तो चूत मैं ही है........????

पूजा...पूजा ने शास के होंठ चूमकर...अभी मन नही भरा कया.????

शास...बस एक ही बार मैं कया मन भरता है...????

पूजा...थक नही जाओगे..??? रात भर तो सीमा दीदी को चोदा है...????

शास...तुम्हारी चूत का रस पीकर थकान मिट गयी.......

पूजा...अच्छा जी....मेरी चूत के रास मैं कया विटमिन्स अओर मिनरल्स मिले थे..???

शास...जान तुम्हारी चूत के रस मैं तो..केशर..मिली थी....अभी भी उसी की डकारे आ रही हैं.......उसी की खुसबू अभी तक महक रही है साँसों मैं...

पूजा... कया चूत का रस हजम नही हुवा.????? जो डकारे आ रही है......????

पूजा... शास...अभी दूध पीकर हजम कर लेता हूँ.......

पूजा...कोई आ जाएगा.. ????जानते हो कितना समय हो गया है....???.अभी रहने दो बाद मैं पी लेना.....सीमा दीदी भी आनेवाली होंगी.........

शास...तो कया हुवा....आजाने दो...अओर शास ने पूजा की दोनो चुचिया अपने हाथों मैं भर ली.....अओर मस्त होकर दबा दबा कर दूध पीने लगा......शास का लंड फिर एन्ठने लगा अओर धीरे धीरे पूजा की चूत मैं अंदर बाहर होने लगा.......पूजा भी फिर से गरम होने लगी.....उसके चूतड़ भी उप्पेर नीचे होने लगे....

पूजा....कया इरादा है शास...दूध पीकर चूत का रास हजम करना है,,??? या फिर फिर से चूत का रस्स पीने का इरादा बना लिया है.......?????

शास...नही चूत का रस पीने का नही......एकबार अओर चोदने का इरादा ज़रूर बन गया है.......लगता है इस लंड को तुम्हारी चूत जीयादा ही पसंद आ गयी है....बाहर आने के लिए तय्यार ही नही हो रहा है...........

पूजा भी तो यही चाह रही थी.....शास ने उसके मन की बात कहकर.....उसकी उत्तेजना अओर बढ़ा दी थी.......पर शास की बात सुनकर उसके गालो पर लालिमा दौड़ गई थी......उसके कान लाल हो गये.....चूत फिर पानी छोड़ने लगी थी.......

शास कभी चुचियाँ कभी पूजा के होंठ चूमने लगा......अओर उसके लंड की स्पीड एक बार फिर बढ़ने लगी थी......पूजा के चुटटर भी तेज..तेज उप्पेर नीचे होकर पूरा लंड अंदर ले रही थी.......साँसे तेज होने लगी...चुदाई की स्पीड बढ़ने लगी......चूत मैं पहले से वीर्या (गुम) अओर पानी भरा होने के कारण चूत से फूच..फूच....फुचा...फूच..की आवाज़ होने लगी थी......इससे शास अओर जोरदार ढंग से धक्के मारने लगा........लूब्रिकेटेड हुई चूत मैं लंड दना..दान....अंदर बाहर हो रहा था........शास...पूजा की चुचियों को बेरहमी से मसल्ने लगा......पूजा की सिसकारियाँ फिर गूजने लगी थी.....पूरे रूम मैं कामुक आवाज़े गूँज रही थी...उउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउ ऊवूऊवूयूयूवख शास अओर पूजा की मिलीजुली आवाज़े.....जैसे रति. अओर कामदेव चुदाई कर रहे हों.....एक बार फिर दोनो की पकड़ मजबूत होने लगी........सिसकारिया...तेज होने लगी......अओर एक बार फिर बंद होती आँखे............पूजा................पानी छोड़ने के लिए पूरी तरह तय्यार.....अओर उउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्मीईईईस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्साआअ आआआआआआअहह्की धून पर पूजा शास मैं सामने की कोशिस करने लगी............वो फिर सातवे आसमान पर..स्वर्ग लोक मैं पहुँच गई......उसकी चूत का गरम गरम पानी शास के लंड पर गिरकर उसको भी पानी छोड़ने के लिए विवस कर रहा था......आख़िर....शास के लंड ने भी...धूम मचाते हुवे......जोरदार पिचकारी पूजा की चूत मैं छोड़ दी........दोनो इस तरह चिपक गये जैसे वे दो नही एक ही हूऊऊऊऊओ...................

ऊउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह्ष्छ्ह्हीयीयियूयूवूऊवूऊवूऊवूयूवक चहाआआआआअहह की धून के साथ दोनो तेज तेज सांसो के साथ आपस मैं चिपक कर शांत हो गये..........

लगभग 10 मिनिट्स तक दोनो...एक दूसरे को बाँहो मैं भिंचे हुवे लेते रहे....शास ने पूजा की गर्देन मैं दिया हुवा अपना चेहरा बाहर निकाला........पूजा को गौर से देखा...उसके चेहरे पर परम संतुष्टि के भाव थे.....आँखे बंद थी...अओर होठों पर मुस्कुराहट थी........मानो अभी भी स्वारग्लोक की सैर पर ही हो.....मुस्कुराहट लिए पूजा के गुलाबी छोटे..छोटे होंठो ने बरबस ही शास को अपनी और खिच लिया.....शास ने अपने होंठ पूजा के होंठो पर रख दिए.......पूजा ने आँखे खोल दी.....प्रितिउत्तर मैं उसने भी शास के होंठ चूम लिए.......

पूजा... जानू अब कया इरादा है....???

शास...एक बार अओर चोदने का..????

पूजा...पागल हो गये कया...??????? कितने मेहमान है नीचे...कोई आ गया तो..????

शास...तो कया हो जाएगा....शादी हो रही है...सभी कहेंगे की ...शादी से पहले की सुहग्रात चल रही है.....

पूजा...नही शास....बस अब बाहर निकाल लो...तुम्हे आपनी परवाह नही....??? रात से अब तक इस कच्ची उमर मैं 5 बार चुदाई कर चुके हो.... जानते हो चुदाई के बाद आदमी मैं कितनी कमज़ोरी आती है..????

शास...कितनी आती है...?????

पूजा...हटो अब मैं नही बात करती....इसके बाद मम्मी हमेशा पापा को मीठा गरम दूथ देती है.....

शास...कया तुम मम्मी.पापा को देखती रहती हो...???

पूजा...सस्स्स्स्स्स्सीईईककककककचह.. नही बस एक बार बाते सुनी थी.....

शास...कया बाते सुनी थी...?????

पूजा...हट्तो अब ...हमे नही पता......चलो अब ... अपने इस लंड को बाहर निकालो...मुझे ज़ोर से टाय्लेट आ रहा है.......

शास...आच्छा जी... पहले डलवाने की...अओर अब निकालने की जल्दी है...जाओ नही निकलता है....

पूजा...प्लीज़ शास...दिन मैं या रात मैं जब भी समय मिलेगा...तब चोद लेना...अब प्लीज़ छोड़ दो....निकालो अपने इस बॅमबू लंड को.....

शास...एक शर्त पर.....

पूजा... कया है...???????

शास...जब भी बुलाउन्गा...तुम्हे आना पड़ेगा....

पूजा...कया मतलब...?????????

शास...चुदाई के लिए......

पूजा...देखूँगी...समय मिला तो ही आ पऔन्गि....

शास...पहले वादा करो....

पूजा ...अच्छा बाबा...वादा....अब तो निकाल लो......

शास ने अपने चूत मैं धन्से लंड को बाहर निकाला....ढेर सारा वीर्या खून से मिला हुवा चूत से बाहर निकलने लगा.........पूजा ने अपनी चूत एक साफ कपड़े से साफ की अओर बाथरूम मैं भाग गई.... अब शास उसी कपड़े से अपने लंड को साफ करने लगा......अओर पूजा के आने का एंतजार करने लगा.....कुछ देर बाद पूजा अपनी चूत को पानी से धोकर वापस आई....

पूजा...शास तुमने तो मेरी चूत को फाड़ ही दिया....मुझसे ठीक से चला नही जा रहा है... पानी भी चूत मैं लग रहा था....चलते हुवे दुखती है.....

शास...चलो बाद का काम आज ही निपट गया....

पूजा...कया मतलब...??????????

शास...बाद मैं फटती तो ज़यादा दर्द होता....

पूजा... चलो हटो...मैं नीचे जा रही हूँ तुम जल्दी से नहा कर तय्यार होकर नीचे आ जाना...मैं नीचे ही तुम्हार एंतजार करूँगी......इतना कह कर पूजा दरवाजे से निकल कर नीचे चली गये ....पूजा को देखकर लग रहा था की उसे चलने मैं कुछ प्राब्लम हो रही थी...............

दोस्तों ये स्टोरी है शास की जिंदगी से जुड़े उन लम्हो की जो यादगार बन गये.....कहते है...पहला कदम रखना, पहली औलाद, पहला पयार अओर पहली चुदाई जीवन मैं एक अलग ही स्थान रखता है..... लॅकिन सामाजिक बंधन, समय की चाल, अलग ही कहानी लिखते है.....पूजा जब नीचे पहुँची ! उसके दिलोड़िमाग़ मैं शिरफ़ शास ही..शास था..... अभी कुछ समय पहले ही शास के साथ बिताए लम्हे...पूजा के जहाँ मैं हलचल पैदा कर रहे थे.....आज उसके लिए शास दुनिया का सबसे प्यारा इंसान था.....उसके दिलो-दिमाग़ मैं शिरफ़ शास ही बस चुक्का था......घर मैं शादी का मौहोल था....कितने ही मेहमान.....आदमी..अओरते...लड़के,लड़कियाँ अओर बच्चो से घर भरा था....मगर पूजा तो बस शास के बारे मैं ही सोच रही थी, रह रह कर उसे शास याद आ रहा था.....वो हरपल शास के साथ रहना चाहती थी....मगर समाज,...सामाजिक बंधन,,, शर्म-लिहाज....बाँध देती है दिलो को भी.....आख़िर जब पूजा से नही रहा गया तो वो किचन मैं गयी.....वहाँ पर हलुवाई का काफ़ी सामान था...उसमें से पूजा ने धीरे से कुछ बादाम, केशर, छुवारे, काजू एत्यादि कई ड्राइफ्रूट्स उठा लिए अओर एकगिलास दूध मैं डालकर शास के लिए गरम करने लगी.....साथ साथ डर भी रही की अगर किशी ने देखा लिया तो वो कया कहेगी.????? परंतु मन था जो मानता ही नही था....आख़िर पूजा ने वह गरम दूध एक ग्लास मैं लिया अओर ओपेर प्लेट से ढक कर उप्पेर के रूम की तरफ चल दी....जहाँ पर शास था......शास जैसे ही नहा-धोकर बाथरूम से निकला.....सामने पूजा को पाया.....पूजा तुम?????????????

पूजा...है तुम्हारे लिए ये लाई हूँ.........

शास...कया है इसमे...??????

पूजा ...देखा लो ना...अओर पास पड़ी टेबल पर रख दिया.....

शास ने पास जाकर देखा..अओर गिलास मैं गरम दूध देखकर....उसे पूजा की बताईं याद आ गयी और मुस्कुरा कर पूजा की अओर देखा..... हां तो दूध लाई हो..???????

पूजा ने शर्मा के करें धीरे से मुस्कुरा कर नीचे गर्देन करके आँखे नीचे कर ली.....शास ने पूजा के हाथ अपने हाथों मैं लेकर चूम लिया.....पूजा का चेहरा शर्म से लाल हो गया .....शास ने पूजा का चेहरा हाथों मैं लेकर, पूजा की आँखों मैं देखा....अओर धीरे से कहा...तुम कितनी अच्छी हो पूजा..???? पूजा ने आँखें उठाकर देखा अओर मुस्कुरा दी......

पूजा...शास तुम ये दूध पीकर नीचे आ जाओ...मेरा बार बार यहाँ आना ठीक नही है.....

शास...केयूं..????

पूजा...कोई देखलेगा तो कया कहेगा..????

शास...कया कहेगा....यही कि पूजा अपने शास से मिलने आई है अओर कया...?????

पूजा...बड़े ही दार्शनिक अंदाज मैं...नही शास,...ये दुनिया,ऐसी नही है.....???

शास...तो कैसी है...??????

पूजा....छोड़ो शास...तुम नही समझोगे.....जल्दी से नीचे आ जाना.....मैं नीचे जा रही हूँ.

शास...पूजा के होंठ चूमकर...जानू तूमे उदास आछी नही लगती....मुस्कुरा कर तो जाओ...

पूजा एक कतिलि मुस्कुराहट छोड़कर दरवाजे से बाहर निकल गयी.....शास ने मुस्कुरकर दूध का गिलास उठाया.....अओर धीरे धीरे मुस्कुराते हुवे पीने लगा... सायेद उसे पूजा की बताई उसके मूमी-पापा की दूध की बात याद आ रही थी......

शास दूध पीते हुए सोच रहा था की पूजा कितनी भोली है....दूध मैं से भी पूजा की चूत वाली केशर की गंध आ रही थी.....एसलिए शास दूध को मस्त होकर चुस्किया लेकर पी रहा था.......

शास ने दूध ख़तम कर....कपड़े बदेले.....अओर नीचे आ गया.....उसकी आँखें पूजा को ढूँढ रही थी.....काफ़ी देर हो गयी पर शास को पूजा कही नज़र नही आई......सीमा भी अभी ब्य्टिपार्लर से नही लौटी थी.....दोप-हर के बाद लगभग 4 बज चुके थे पर पूजा शास को नज़र नही आई.....अओर अभीतक सीमा भी नही लौटी थी...शास परेशान सा हो गया.....अओर उप्पेर के रूम मैं जाकर बेड पर लेट गया....कुछ ही देर मैं उसे नींद आ गयी अओर शास सो गया........

जब शास की आँखें खुली तो नीचे काफ़ी शोर हो रहा था वो नीचे गया....वहाँ पर काफ़ी गहमा-गहमी हो रही थी.....उसे पता चला की बारात आ गयी है अओर उनके नाश्ते एत्यादि की तय्यरी चल रही है एसीलिए ये शौर-शराबा हो रहा है.....शाम के लगभग 6 बज चुके थे.....सीमा भी ब्य्टिपार्लर से लौट चुकी थी.....सीमा अपने रूम मैं अपनी सहेलियों से घिरी बैठी थी.........

शास सीधा....सीमा के रूम मैं गया.....अओर सीमा की सुंदरता को देखत ही रह गया......कितनी सुंदर है सीमा दीदी ये तो उसने आज ही जाना था......मानो आसमान से परी उतार आई हो.....शास सीमा दीदी के पास गया.......

शास...सीमा दीदी...???????

सीमा....सीमा ने आँखें उठाकर शास की अओर देखा....बड़ा उदास सा लग रहा था....कया बात है शास...??????????सीमा ने अस्चर्ये से शास से पूछा...???????

शास...कोई बात नही..दीदी....आपने बड़ी देर! कर दी , बहुत ही देर के बाद लौटी है....बड़ी सुंदर लग रही है. आप दीदी...?????

सीमा ...सच शास......???

शास...रियली दीदी....सीमा की सहेलिया हंस पड़ी....हमारी बन्नो लाखो मैं एक है.....कहीं नज़र ना लग जाए किशी की....

सीमा ..... ने शर्मकार आँखें नीचे करके मुस्कुरा दी....उसकी गालो पर शर्म की लालिमा शाफ़ नज़र आ रही थी....शास का पुन्ह ध्यान आते ही सीमा को पूजा का ख़याल आया......अओर शास के चेहरे की अओर देखाकर उसकी उदासी का कारण पढ़ने लगी..........

सीमा....पूजा कहाँ है शास...????

शास... मालूम नही दीदी....मैं भी काफ़ी देर से डुनध रहा हूँ.....पर कहीं नज़र नही आई.....लागफग 2-3 घंटे से गायब है........

सीमा सोचने लगी...मेरे जाने के बाद कया हुवा होगा ????? जो पूजा गायब है.....उसके मंन मैं काफ़ी बाते आने जाने लगी.....अपनी दूसरी सहेलियो केआमने वह शास से अओर कुछ पूछ भी नही पा रही थी.......

सीमा सोचने लगी कहा गयी होगी पूजा,??? सायेद मूमी को कुछ पता हो यही सोच कर सीमा ने शास से कहा, शास ज़रा अपनी मामी को तो बुला लाना........